मैं प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन वाहन चला रहा था। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक रखा था। अचानक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़ते हुए सीधे मेरी गाड़ी तक पहुंच गए। उनके हाथों में हथियार थे। उन्होंने जबरन खिड़की खोल दी और मुझे मुक्के और लातें मारते रहे। इससे बाजू फ्रैक्चर हो गई। ये बातें चंडीगढ़ पुलिस के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) गुरजीत सिंह ने कहीं, जो 28 जुलाई को पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह और बंदी सिखों की रिहाई को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन वाहन चला रहे थे। ASI के मुताबकि इस घटना में वह अकेले नहीं, बल्कि 9 अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। घायल लेडी कॉन्स्टेबल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के धक्का देकर उन्हें गिराया। इससे उनकी पीठ पर चोट आई है। चंडीगढ़ पुलिस ने लुधियाना के दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह अयाली समेत 15 नामजद के अलावा 2500 से 3000 प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज की है। इन पर BNS की धारा 121(1), 132 और 223 लगाई गई है। सेक्टर-49 थाना के सब इंस्पेक्टर भूपिंदर सिंह की शिकायत पर FIR दर्ज की गई है।यहां पुलिस की लापरवाही भी सामने आई, जिसने 2 साल पहले मर चुके नेता तक पर FIR कर दी। टकराव के दौरान क्या-क्या हुआ, पढ़िए घायल जवानों की जुबानी… घटना के दिन क्या हुआ, वाटर कैनन वाहन चला रहे ASI की जुबानी… घायल पुलिसकर्मियों ने क्या बताया, 6 पॉइंट में पढ़िए 2 साल पहले मर चुके नेता पर FIR की चंडीगढ़ में घुसने वाले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के कार्यकर्ताओं पर दर्ज FIR में पुलिस की बड़ी चूक सामने आई है। चंडीगढ़ पुलिस ने केस में पूर्व विधायक अजैब सिंह मुखमैलपुर का नाम भी शामिल कर दिया, जबकि उनका करीब दो वर्ष पहले 75 वर्ष की आयु में निधन हो चुका है। FIR के अनुसार, मुखमैलपुर ने समर्थकों के साथ मिलकर गोशाला चौक पर रास्ता जाम किया था। हालांकि, वह शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता थे। वर्ष 1997 में घनौर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे और बाद में पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। ————- ये खबरें भी पढ़ें… चंडीगढ़ पुलिस की लापरवाही: 2 साल पहले मर चुके नेता पर FIR की, लिखा- वे समर्थकों के साथ आए; सांसद के पिता का नाम नहीं चंडीगढ़ में घुसने वाले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के वर्करों पर FIR में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। चंडीगढ़ पुलिस ने पूर्व MLA अजैब सिंह मुखमैलपुर पर भी FIR दर्ज कर दी है, जबकि उनकी करीब 2 साल पहले 75 साल की उम्र में मौत हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें… चंडीगढ़ में सांसद के 3000 समर्थकों पर FIR, पंजाब पुलिस बॉर्डर तक छोड़ गई, सिर्फ एक बैरिकेडिंग; रिटायर्ड DGP ने बताई 2 बड़ी वजहें पंजाब के खडूर साहिब से खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह और बंदी सिखों की रिहाई को लेकर निकले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के समर्थक मुख्यमंत्री भगवंत मान की चंडीगढ़ के सेक्टर 2 स्थित सरकारी कोठी के 1Km नजदीक तक पहुंच गए। उन्होंने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ी। यहां तक कि वाटर कैनन पर भी कब्जा कर लिया। (पढ़ें पूरी खबर)


