अमृतसर| शहर की सड़कों के किनारे इन दिनों एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। यहां महिलाएं पारंपरिक छज्ज (विनोइंग बास्केट) बनाने में व्यस्त हैं। यह न केवल उनकी मेहनत और हुनर को दर्शाता है, बल्कि पारंपरिक कला को जीवित रखने का उनका प्रयास भी है। इन महिलाओं का कहना है कि वे इस पारंपरिक कला को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना चाहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि महिलाओं का यह काम न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे पारंपरिक कलाएं आज भी जीवित हैं।


