भास्कर न्यूज| महासमुंद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद के अध्यक्ष और प्रधान जिला न्यायाधीश अनिता डहरिया के मार्गदर्शन में शनिवार को जिला न्यायालय महासमुंद व तहसील पिथौरा, सरायपाली, बसना और बागबाहरा स्थित सिविल, श्रम न्यायालय व राजस्व न्यायालयों सहित कुल 24 खण्डपीठों का गठन कर नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान 3,150 लंबित मामलों का निराकरण और 5 करोड़ 87 लाख 27 हजार 410 रुपये के अवार्ड पारित किया गया। नेशनल लोक अदालत की उक्त सभी खण्डपीठों में श्रमिक विवाद, बैंक रिकवरी प्रकरण, विद्युत व देयकों के अवशेष बकाया की वसूली और राजीनामा योग्य अन्य मामलों के बकाया की वसूली संबंधी प्री-लिटिगेशन मामले, राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गये थे। उक्त मामलों के अलावा राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरण, परक्राम्य लिखत अधि. की धारा-138 के अधीन परिवाद पर संस्थित मामलें, मोटर दुर्घटना दावा संबंधी मामले व विद्युत अधिनियम 2003 की धारा-135 (क) के तहत विद्युत चोरी के मामले व सिविल मामले भी नियत किये गये थे। उक्त खण्डपीठों में उपरोक्त सभी मामलों की सुनवाई करते हुए जिला महासमुंद स्थित विभिन्न न्यायालयों में प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसी प्रकार प्री-लिटिगेशन संबंधित मामलों में बैंक रिकवरी के 4 हजार 5 प्रकरणों में 23 लाख 20 हजार 560 रुपए का अवॉर्ड पारित किया गया। इसी प्रकार विद्युत के 11 हजार 390 प्रकरणों में 5 करोड़ 59 लाख 45 हजार 186 रूपए, श्रम प्रकरण के 8 मामलों में 32 हजार 300 रूपए, एमएसीटी के 33 प्रकरण में दो करोड़ 64 लाख 70 हजार, एनआई एक्ट-138 के 35 प्रकरणों में 80 लाख व अन्य अवार्ड पारित किया गया। जिला न्यायालय महासमुंद परिसर में आयोजित नेशनल लोक अदालत के अवसर पर नेशनल लोक अदालत की उक्त सभी खण्डपीठों में श्रमिक विवाद, बैंक रिकवरी एवं अन्य मामले आए। सीएमएचओ व आयुर्वेद विभाग ने स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। जिसमें बड़ी संख्या में न्यायालयीन अधिकारी- कर्मचारीगण, अधिवक्तागण व अपने प्रकरण में उपस्थित पक्षकार गणों व विभिन्न विभागों से आए अधिकारी-कर्मचारियों का निशुल्क स्वास्थ्य जांच किया गया।


