कांग्रेस ने अदाणी और मणिपुर हिंसा मामले पर देशव्यापी प्रदर्शन के तहत बुधवार को राजभवन मार्च किया। शहीद चौक से शुरू हुई मार्च राजभवन पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई। सभा में प्रदेश पार्टी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि केंद्र सरकार अदाणी और मणिपुर हिंसा पर मौन है। हमारे नेता सदन में इन दोनों मामलों को लगातार संसद और बाहर उठा रहे हैं। अदाणी और उनके सहयोगियों की जालसाजी का खुलासा हो चुका है, लेकिन पीएम मोदी चुप हैं। जिस तरह से मणिपुर जल रहा है, लगातार हिंसा हो रही है। लेकिन, आज तक पीएम वहां नहीं गए। कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। पीएम मोदी को जवाब देना होगा। विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि यह जनता की आवाज है कि पीएम और गृह मंत्री उनके सवालों का जवाब दें। पिछले एक वर्ष में अमित शाह दर्जनों बार झारखंड आ चुके हैं, लेकिन मणिपुर नहीं गए। इसी तरह से अदाणी को बचाने के लिए पीएम मोदी भारत की प्रतिष्ठा तक को विश्व के सामने धूमिल कर रहे हैं। कांग्रेस पीएम मोदी के कुकृत्यों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी… विधायक दल के उप नेता राजेश कच्छप ने कहा कि पीएम मोदी शायद यह भूल गए हैं कि संविधान ने ही यह ताकत प्रदान की है कि वह चाय बेचते-बेचते प्रधानमंत्री बन पाए। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि जिस तरह से संविधान और सदन में भाजपा ने बाबा साहब का अपमान किया है, वह बर्दाश्त करने के लायक नहीं है। हम संघर्ष जारी रखेंगे अदाणी के लूट को रोकेंगे। मणिपुर जैसी घटनाओं को रोकेंगे। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल या व्यक्ति आंबेडकर का अपमान करता है, तो यह पूरे हिंदुस्तान का अपमान है। कांग्रेस पीएम मोदी के कुकृत्यों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। समाज को तोड़नेवाली बात बोलते हैं भाजपा के नेता… स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि जनता ने मन बना लिया है कि मोदी सरकार को कुर्सी से उतारना है। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि लोगों का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाने के लिए तरह-तरह की चीजों को परोसा जा रहा है। भाजपा के लोग कहते हैं कि यहां बहुसंख्यकों का चलेगा अल्पसंख्यकों का नहीं। यह समाज को तोड़ने की बात है। राजभवन मार्च में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, विधायक सुरेश बैठा, नमन विक्सल कोंगाड़ी, अभिलाष साह आदि शामिल थे।


