राजस्थान सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर सभी सरकारी कार्यालयों में लैंगिक उत्पीड़न की शिकायतों के लिए आंतरिक समिति बनाई जाएगी। बूंदी के जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने सभी विभागाध्यक्षों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। जिन कार्यालयों में 10 या अधिक कर्मचारी हैं, वहां यह समिति अनिवार्य होगी। महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक भैरू प्रकाश नागर के अनुसार, नियम का उल्लंघन करने वाले कार्यालयों पर 50,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। समिति में एक वरिष्ठ महिला कर्मचारी अध्यक्ष होंगी। इसमें सामाजिक कार्यों या कानूनी अनुभव वाले दो स्टाफ सदस्य और एक गैर-सरकारी संगठन का प्रतिनिधि शामिल होगा। हर कार्यालय को समिति के गठन की जानकारी एक बोर्ड पर प्रदर्शित करनी होगी। यह नियम सिर्फ सरकारी कार्यालयों तक ही सीमित नहीं है। निजी क्षेत्र के संगठन, उद्यम, गैर-सरकारी संस्थाएं, शैक्षिक संस्थान, अस्पताल, नर्सिंग होम और खेल परिसर भी इस नियम के दायरे में आएंगे। समिति का पुनर्गठन हर तीन साल में करना अनिवार्य होगा।


