झालावाड़ के सांवरिया पैलेस में कात्यायनी महिला उत्थान समिति द्वारा फागोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. अंकिता शर्मा ने फाग के महत्व को समझाते हुए बताया कि फाग का मूल शब्द ‘फाल्गुन’ है, जो वसंत ऋतु का प्रतीक है। राष्ट्र सेविका समिति की जिला कार्यवाही यमू ताई बांसोड़ ने फाग को होली के दौरान गाए जाने वाले लोकगीतों की एक विशेष शैली बताया। विभाग बौद्धिक प्रमुख संध्या शर्मा ने फाग उत्सव की शुरुआत भगवान श्री कृष्ण द्वारा राधा के साथ होली खेलने से जोड़ा। नगर सह कार्यवाहिका सीमा शक्तावत ने कहा कि फाग गीतों में प्रेम, प्रकृति और सामाजिक विषयों का वर्णन होता है। शशि सिंह शेखावत ने इस आयोजन को आपसी सौहार्द को मजबूत करने वाला बताया। अनीता हाडा ने होली को खुशियों का प्रतीक बताते हुए जीवन को रंगों की तरह खूबसूरत बनाने का संदेश दिया। शालू मौर्या ने इसे आशाओं और सकारात्मकता का पर्व बताया। आंसू सुमन ने सभी के लिए खुशियों की कामना की। कार्यक्रम में महिलाओं ने फूल और गुलाल के साथ होली खेली। भजन-कीर्तन और नृत्य का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्या अग्रवाल, नीरू शर्मा, उज्जवला कानूड़े, ममता मीणा, सारिका चौरसिया और मिथलेश तानिवाल सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।


