तस्कर को पकड़ने के लिए पुलिसकर्मी बने पशुपालक:6 साल से फरार था इनामी बदमाश;दूसरे के मोबाइल से करता था बातचीत

जोधपुर रेंज की साइक्लोनर टीम ने 6 साल से फरार तस्कर को एमपी के नीमच से पकड़ा। इनामी तस्कर मदन सिंह नीमच में ही पशुपालन से जुड़ा ​बिजनेस करने लगा था। इस पर टीम में शामिल पुलिसकर्मी पशुपालक बने और तस्कर को गिरफ्तार किया। रेंज आईजी विकास कुमार ने बताया कि साइक्लोन टीम ने 30000 के इनामी आरोपी मदन दान को ऑपरेशन डेनिम के तहत गिरफ्तार किया है। आरोपी को पकड़ने के लिए जोधपुर रेंज की टीम कई दिनों से मध्य प्रदेश में वेश बदलकर घूमती रही। 2019 से था फरार, मेवाड़-मारवाड़ में बनाया नेटवर्क जानकारी के अनुसार 2019 में बालोतरा जिले की पचपदरा थाना पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध अफीम और डोडा पोस्त बरामद किया था। इस मामले में आरोपी मदन सिंह पुत्र प्रभु सिंह निवासी मेरियाखेड़ी जिला नीमच मध्य प्रदेश फरार चल रहा था। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद से ही वह पुलिस की पकड़ से दूर था। ऐसे में आरोपी को पकड़ने के लिए उसके बारे में साइक्लोनर सेल ने जानकारी जुटाना शुरू की। इनपुट में जानकारी मिली थी कि आरोपी रिश्तेदारी करने के लिए बाड़मेर जिले में आता रहता था। इसी दौरान मेवाड़ और मारवाड़ के बीच में मादक पदार्थ तस्करों से संपर्क कर तस्करी का काम करना शुरू कर दिया। आरोपी इतना शातिर था की तस्करी के लिए खुद का मोबाइल भी काम में नहीं लेता था। पिछले करीब 6 सालों से आरोपी फरार था। जिसे साइक्लोनर सेल की टीम पशु खरीदार बनकर पहुंची और उसे पकड़ लिया। पशुपालक बनी पुलिस टीम, गाय खरीदने के लिए पहुंचे रेंज आईजी ने बताया कि इनपुट में सामने आया कि आरोपी पशुपालन का व्यवसाय करता है। इस पर मध्य प्रदेश के नीमच जिले में टीम आरोपी के गांव और आसपास के क्षेत्र में गायों को खरीदने के लिए गोपालक बनी। टीम नीमच जिले के मनासा इलाके में गाय खरीदने के लिए पहुंची। यहां पर टीम को जानकारी मिली कि मदन चारण नाम का व्यक्ति गायों को पालता है और उसकी गायें अच्छी हैं। डेयरी संचालक की ओर से इसको लेकर साइक्लोनर सेल को जानकारी दी गई। इसी जानकारी के आधार पर टीम आरोपी के घर पर पहुंची। यहां पर गायों को देखने के बाद खरीदने की बातचीत के लिए परिवार ने एक मोबाइल नंबर पर कई कॉल किया। इसके बाद फोन-पे पर भुगतान के बहाने परिचित का नंबर मिला और टीम आरोपी तक पहुंच गई। गिरफ्तार आरोपी का ससुराल बाड़मेर जिले में है। आरोपी मारवाड़ के तस्करों से संपर्क कर बैठा और मेवाड़ में अफीम की खेती करने वालों से अवैध अफीम और डोडा पोस्त बेचने की बातचीत करवाता था। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए कई बार प्रयास किया लेकिन आरोपी गांव से दूर एक परिचित के यहां यहां खेती और गाय चराने का काम करने के दौरान कभी कभार ही घर पर आता था। इस ऑपरेशन में हेड कॉन्स्टेबल महिपाल सिंह और कॉन्स्टेबल गोपाल की विशेष भूमिका रही।

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