रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघिन टी-125 सिद्धि के एक शावक की मौत हो गई। बाघ टी 2311 के हमले से शावक की मौत होने की आशंका है। वनकर्मियों को रविवार दोपहर को ट्रैकिंग के दौरान शावक का शव मिला। इस दौरान उसके मुंह से खून निकल रहा था। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शावक के शव को नाका राजबाग लाया गया। उसके शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। शनिवार रात को इस एरिया में बाघ टी-2311 कैमरा ट्रैप में कैद हुआ था। नाका राजबाग पर करवाया अंतिम संस्कार
रणथंभौर टाइगर रिजर्व प्रथम के DFO रामानंद भाकर ने बताया- वनकर्मियों को ट्रैकिंग के दौरान रविवार दोपहर को कुंडेरा रेंज के भदलाव वन क्षेत्र में एक शावक का शव मिला था। उन्होंने वनाधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो बाघिन टी-125 के शावक का शव मिला। भाकर ने बताया- वन विभाग की टीम ने शावक के शव को कब्जे में लिया और नाका राजबाग लेकर आई। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। कैमरा ट्रैप में बाघ टी-2311 हुआ था कैद
DFO भाकर ने बताया- इस इलाके में शनिवार रात कैमरा ट्रैप में बाघ टी-2311 कैद हुआ था। ऐसे में बाघ 2311 के हमले से शावक की मौत होने की आशंका है। फिलहाल मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता लग सकेगा। शावक की उम्र करीब 8 महीने
बाघिन टी-125 सिद्धि की उम्र करीब 7 साल है। यह रणथंभौर की मशहूर बाघिन एरोहेड टी-84 की बेटी और बाघिन टी-124 रिद्धि की बहन है। बाघिन सिद्धि पिछले साल सितंबर महीने में शावकों के साथ कैमरा ट्रैप में कैद हुई थी। उस समय शावकों की उम्र करीब 2 महीने थी। ———— ये खबर भी पढ़िए… रणथम्भौर से 10 साल में 29 टाइगर गायब:टी-86 बाघ की मौत के बाद जागा वन विभाग, लापता बाघों के रिकॉर्ड खंगालेगी कमेटी रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में 3 नवंबर को बाघ टी-86 की हुई मौत के बाद खलबली मची है। लगातार हो रही बाघों की मौत और इनके गायब होने की घटनाओं ने विभागीय अधिकारियों के होश उड़ा दिए हैं। 4 नवंबर को चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन (CWLW) पवन कुमार उपाध्याय ने रणथम्भौर से गायब बाघों की जांच को लेकर तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। (पढ़ें पूरी खबर)


