दावा-खाटू मेले में तबीयत बिगड़ी तो 5 मिनट में मदद:पहली बार बाइक एंबुलेंस और फायर बाइक, 400 सीसीटीवी से 18 किमी के चप्पे-चप्पे पर नजर

खाटूश्यामजी लख्खी मेले में भक्तों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि मेले में किसी की तबीयत बिगड़ी तो बाइक एंबुलेंस से 5 मिनट में मदद पहुंचाई जाएगी। मेले में बने 6 कमांड सेंटर से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी रींगस से खाटू तक के करीब 18 किलोमीटर के पूरे एरिया को ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से स्कैन कर रहे हैं। 9 से 11 मार्च तक तीन दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाेक लगाने पहुंचेंगे। 9 तारीख को रविवार की छुट्‌टी है। 10 मार्च को एकादशी का मुख्य मेला है। 11 मार्च को द्वादशी पर भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचेंगे। 6 से 8 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती
प्रशासन ने मेले की अवधि इस साल 10 से बढ़ाकर 12 दिन कर दी है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए श्रीगंगानगर, जयपुर, अजमेर, जोधपुर समेत अलग–अलग पुलिस रेंज से करीब 8 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। संवेदनशील जगहों को चिह्नत कर बैरिकेडिंग की गई है। VIP पास की सुविधा भी बंद कर दी गई है। एसडीएम मोनिका सामौर ने भास्कर से बातचीत में कहा- मेले में हमने गलतियों से सीखा और लगातार सुधार करते रहे। अब तक का मेला तो ट्रायल था। असली परीक्षा तो अभी होनी बाकी है। 60 मजिस्ट्रेट संभाल रहे व्यवस्था
मेले में 60 मजिस्ट्रेट (RAS) व्यवस्था संभाल रहे हैं। 21 दर्शनार्थियों पर 1 पुलिसकर्मी तैनात है। प्रशासनिक रूप से पूरे मेला क्षेत्र को 9 सेक्टर में बांटा गया है। वहीं पुलिस इसे 22 जोन में बांटकर निगरानी कर रही है। हर सेक्टर की जिम्मेदारी अलग सेक्टर प्रभारी के हाथ में है। रींगस से खाटू तक 400 कैमरों से नजर
अतिरिक्त जिला कलेक्टर भागीरथ साख ने बताया- रींगस से खाटू तक पूरे मेला क्षेत्र को 400 सीसीटीवी से कवर किया गया है। रींगस से खाटू तक करीब 18 किलोमीटर के पैदल मार्ग, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मुख्य बाजार और संवेदनशील जगहों पर एक से दो किलोमीटर पर लगे इन CCTV कैमरों से कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इतना ही नहीं 6 ड्रोन कैमरों से पूरे मेला एरिया को हर मिनट स्कैन किया जा रहा है। इसके लिए मंदिर, मेला मजिस्ट्रेट, पंचायत धर्मशाला, मेडिकल कैंप मेला ग्राउंड, कबूतर चौक और सरकारी हॉस्पिटल में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। भीड़ और ट्रैफिक को देखते हुए किए गए हैं इंतजाम
प्रशासन का दावा है कि इस बार सुरक्षा के इतने पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं कि पूरे मेला क्षेत्र में कहीं भी 5 मिनट में मदद पहुंचा सकेंगे। मेले में आने वाले लोगों की भीड़ और ट्रैफिक को देखते हुए महत्वपूर्ण पॉइंट्स पर 6 फायर बाइक और 10 एम्बुलेंस भी तैनात की गई हैं। बाइक एम्बुलेंस से भीड़ भाड़ में गश खाकर गिरने वाले लोगों तक, बीमार और जरूरतमंदों तक तुरंत मेडिकल मदद पहुंचाई जा सकती है। ये नवाचार भी पहली बार हो रहा है। इमरजेंसी सिचुएशन में मदद पहुंचाने, भीड़ बढ़ने, ट्रैफिक खुलवाने और मेले में खोए लोगों-बच्चों की सूचना एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचाने के लिए 70 वाॅकी-टाॅकी से कम्युनिकेट किया जा रहा है। 10 बेड का अस्पताल, 525 मेडिकल स्टाफ जुटा
मेले में किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए लखदातार ग्राउंड की ओर 10 बेड का अस्थायी हॉस्पिटल बनाया है। पूरे मेला क्षेत्र में चल रहे 13 सरकारी मेडिकल कैंप में 525 मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। इनमें 24 एम्बुलेंस, 10 बाइक एम्बुलेंस और 150 स्ट्रेचर की सुविधा है। समितियों और सेवादारों की ओर से प्राइवेट कैंप भी हैं। साफ-सफाई पर है खास ध्यान
पूरे मेला क्षेत्र में चल रहे भंडारों, प्रसादी वितरण और मेडिकल कैंप के वेस्ट का तुरंत निस्तारण किया जा रहा है। इसके लिए 25 ट्रैक्टर, 10 ऑटो टिपर मशीन, 3 जेसीबी, 3 सेवेर जेटिंग मशीन, 10 अतिरिक्त ट्रॉलियां भी लगी हैं। रात और दिन शिफ्टों में कचरा उठाया जा रहा है। …. खाटूश्याम जी के मेले की यह खबर भी पढ़िए… खाटूश्यामजी के भक्तों को काजू-बादाम, पिज्जा-पास्ता का नाश्ता:मेले में अलग-अलग राज्यों का खाना, भंडारों में 5 स्टार होटल वाले जायके रींगस से खाटू के बीच जगह-जगह भक्तों के लिए भंडारे लगाए गए हैं। इन भंडारों में फास्ट फूड से लेकर साउथ इंडियन डिशेज प्रसाद के तौर पर वितरित की जा रही हैं। कई भंडारों में 500 से भी ज्यादा लोग 24 घंटे सेवा दे रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए…

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