राज्य के मरीजों को आयुष्मान भारत- मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत डायलिसिस कराने में परेशानी हो रही है। आयुष्मान पोर्टल में बदलाव होने से राज्य के 10 हजार से ज्यादा गंभीर किडनी रोगियों की समय पर डायलिसिस नहीं हो पा रही। मरीज को अस्पताल पहुंचने के बाद डे केयर में डायलिसिस की प्रक्रिया शुरू करने के बाद अप्रूवल के लिए 5 से 6 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीजों की स्थिति तत्काल डायलिसिस नहीं होने के कारण बिगड़ जा रही है। आयुष्मान योजना के तहत यह परेशानी फरवरी में आयुष्मान के पोर्टल में बदलाव के बाद से आई है। रांची के रोगियों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर लगाई गुहार डायलिसिस रोगियों को अब हर बार आयुष्मान के तहत रजिस्ट्रेशन कराकर अप्रुवल लेना पड़ रहा है। इसमें करीब 5 से 6 घंटा या इससे भी ज्यादा समय लग रहा है। वहीं, पुरानी व्यवस्था के तहत आयुष्मान भारत योजना से डायलिसिस कराने के लिए एक बार निबंधन कराने के बाद 12 सर्कल का अप्रूवल एक ही बार में मिल जाता था। रांची के करीब 50 से ज्यादा रोगियों ने अपना हस्ताक्षर कर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के सचिव से लेकर प्रधानमंत्री तक को पत्र लिख कर पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। जांच कराता हूं, परेशानी नहीं होने दी जाएगी
^अब तक मेरे संज्ञान में ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। लेकिन अगर ऐसा कुछ है तो मैं जांच कराता हूं। मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
– अबु इमरान, कार्यकारी निदेशक, झारखंड स्टेट आरोग्य सोसायटी।


