पीएम पोषण योजना में कोरिया जिले ने बनाया रिकॉर्ड:दिव्यांगजन और वृद्धजन को ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, जनकपुर में तेंदूपत्ता संग्रहण की ट्रेनिंग

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में शिक्षा, सामाजिक कल्याण और वन संसाधनों के क्षेत्र में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री पोषण योजना में जिले ने छत्तीसगढ़ में पहला स्थान प्राप्त किया, दिव्यांगजन और वृद्धजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए, और तेंदूपत्ता संग्रहण को लेकर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। पीएम पोषण योजना में जिले ने रचा इतिहास कोरिया जिले ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना में बड़ी सफलता हासिल की है। लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर द्वारा जारी 2024-25 के राज्य स्तरीय स्कोर कार्ड में जिले ने पहला स्थान प्राप्त किया है। जिले में 99 प्रतिशत स्कूलों में योजना का संचालन हो रहा है। इसमें 75 प्रतिशत छात्र लाभान्वित हो रहे हैं। स्कूलों में 87 प्रतिशत रसोइए उपलब्ध हैं। 92 प्रतिशत स्कूलों में किचन और भंडारण की सुविधा है। सभी स्कूलों में एलपीजी गैस का उपयोग हो रहा है। योजना के तहत 886 रसोइयों और सहायिकाओं को रोजगार मिला है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से विद्यालयों में गर्म भोजन तैयार किया जा रहा है। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों के सहयोग से ‘न्योता भोजन’ का आयोजन भी किया जा रहा है। कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने कहा कि यह सफलता शिक्षकों, रसोइयों, स्व-सहायता समूहों, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पौष्टिक भोजन से बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होता है और स्कूल में उपस्थिति भी बढ़ती है। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि योजना को और प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। इससे बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन मिलेगा और उनके स्वास्थ्य एवं शिक्षा में सुधार होगा। जिले में 98.44 प्रतिशत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है और भारत सरकार को प्रतिदिन 97 प्रतिशत डेटा भेजा जा रहा है। दिव्यांगजन और वृद्धजन को 133 लोगों को सहायक उपकरण वितरित
वहीं, जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग ने 9 मार्च को बैकुंठपुर जिला पंचायत ऑडिटोरियम में दिव्यांगजन और वृद्धजनों के लिए शिविर आयोजित किया गया। 12 मार्च को सोनहत विकासखंड में भी शिविर आयोजित किया जाएगा। 271 लोगों ने शिविर में पंजीयन कराया, जिनमें से 133 को सहायक उपकरण वितरित किए गए। इनमें 30 ट्राइसाइकिल, 20 व्हीलचेयर, 65 छड़ियां, 8 बैसाखी, 9 श्रवणयंत्र और 1 मोटराइज्ड साइकिल शामिल हैं। 52 लोगों के यूडीआईडी कार्ड, 4 लोगों के श्रम पंजीयन, 2 लोगों के आधार कार्ड और 4 लोगों के रोजगार पंजीयन भी किए गए। कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए 13 सरकारी योजनाएं संचालित हैं और इनका लाभ अधिकतम जरूरतमंदों को दिया जाएगा। उन्होंने दिव्यांगजनों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे किसी से कम नहीं हैं, बस सहारे की जरूरत है। जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जरूरतमंदों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। तेंदूपत्ता संग्रहण प्रशिक्षण शिविर: वन संसाधनों के उचित प्रबंधन की सीख
इसके अलावा, मनेंद्रगढ़ जिला यूनियन द्वारा 7 मार्च को जनकपुर के निरीक्षण कुटीर परिसर में तेंदूपत्ता संग्रहण और अग्निसुरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें 10 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधक और संग्राहक शामिल हुए। कार्यशाला में भरतपुर-सोनहत विधानसभा की विधायक रेणुका सिंह ने विशेष रूप से शिरकत की और शासन की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। शाखकर्तन, फड़ चयन, संग्रहण, उपचारण, बोराभर्ती, परिवहन और गोदामीकरण की विस्तृत जानकारी दी गई। नवाचार और जनकल्याण की ओर बढ़ता मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
जिले में शिक्षा, सामाजिक कल्याण और वन संरक्षण के क्षेत्रों में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री पोषण योजना में अव्वल स्थान पाकर बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार किया जा रहा है, दिव्यांगजनों और वृद्धजनों को सहायक उपकरण देकर उनके जीवन को सुगम बनाया जा रहा है, और वन संसाधनों के उचित प्रबंधन हेतु संग्राहकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

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