अलवर सरिस्का रोड पर कुशालगढ़ के पास पहाड़ी पर रविवार शाम दो-दो टाइगर दिखे। टाइगर को देखकर सड़क से गुजर रहे वाहन चालक रुक गए। वाहन चालकों ने पहाड़ी पर बैठे टाइगर के फोटो और वीडियो बनाया। वहीं सरिस्का में सफारी करने आए टूरिस्ट ने टाइगर एसटी 21 और टाइग्रेस व एसटी 9 के दीदार किए। अलवर शहर निवासी विमल तिवाड़ी ने बताया- जयपुर जाते समय रविवार को कुशालगढ़ से थोड़ा पहले पुलिया के पास कई वाहन खड़े मिले। तब पता चला कि पहाड़ी पर टाइगर घूम रहे हैं। हमने भी दो टाइगर देखें। करीब 30 से 40 मिनट तक टाइगर पहाड़ी पर ही रहा। कभी पहाड़ी पर बैठा तो कभी आस-पास घूमते दिखा। यह नजारा रोड से करीब 300 मीटर दूर था लेकिन कैमरे में अच्छे से नजर आ रहा था। पर्यटकों को हो रहे बाघ के दीदार इन दिनों बाघ परियोजना सरिस्का में सफारी पर जाने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों को बाघ के दीदार हो रहे हैं। नेचर गाइड अर्जुन मीणा ने बताया- इन दिनों सफारी पर जाने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों को बाघ एसटी 21 और बाघिन एसटी 9 की खूब साइटिंग हो रही हैं। वहीं जिप्सी चालक दिलखुश योगी ने बताया कि जंगल में सफारी पर जाने वाले ज्यादातर पर्यटकों को बाघ-बाघिन दिखे तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। असल में सरिस्का के बीचों बीच निकल रहे रोड के कारण कई बार टाइगर आसपास दिख जाते हैं। बहुत बार रोड क्रॉस करते हुए दिख चुके हैं। वैसे भी अकबरपुर रेंज व तालवृक्ष रेंज में सबसे अधिक टाइगर की संख्या है। यह उन दोनों के बीच का हिस्सा है। तालवृक्ष रेंज बिल्कुल शांतिपूर्ण जंगल है। यहां किसी तरह की सफारी भी नहीं होती है। पिछले दिनों यहां दो टाइग्रेस ने चार-चार शावक जन्में हैं। इस कारण इस रेंज करीब 11 टाइगर हैं। वहीं अकबरपुर रेंज में करीब 8 टाइगर हैं।


