श्री जिनशासन तीर्थक्षेत्र जैन नगर नाकामदार में रजयमयी विधिनायक जिनबिंब निर्माण उत्सव का आयोजन किया गया। इसमें भगवान आदिनाथ स्वामी की रजतमयी प्रतिमा की ढलाई का मांगलिक कार्य किया।
कार्यक्रम में धर्मप्रेमियों ने स्वर्णदान कर पुण्य कमाया। आचार्य वसुनंदी महाराज, उपाध्याय वृषभानंद मुनिराज व मुनि सदानंदजी मुनिराज, क्षुल्लक पूर्णानंद महाराज एवं प्रतिष्ठाचार्य ब्रा.ब. नमन जैन की मौजूदगी में आगामी 20 से 25 अप्रैल तक पंचकल्याणक महामहोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महिलाओं ने गाए मंगल बधाई गीत
मंत्री विनित कुमार जैन ने बताया कि पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए धातु से भगवान बनने की प्रक्रिया का साक्षात्कार जिनशासन तीर्थक्षेत्र जैन नगर नाका मदार पर किया गया। महोत्सव के विधिनायक प्रभु पंचकल्याणक प्रतिष्ठा के मुख्य नायक होते है एवं पंचकल्याणक की सम्पूर्ण क्रियाएं विधिनायक प्रभु पर सम्पन्न होती है।
इसी क्रम में 1008 समाज की महिलाओं व विभिन्न महिला मण्डलों ने पंच कल्याणक महोत्सव पर मंगल बधाई के गीत गाए। ब्राहमी महिला मण्डल, सुन्नदा महिला मण्डल, आदिसृष्टि महिला मण्डल व स्वतन्त्र जैन चिन्तन की महिलाओं द्वारा भक्ति नृत्य व गीत गाए। कार्यक्रम में उमड़े लोग
इस दौरान कमेटी के अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार जैन, महामंत्री मनोज जैन कोलानायक, जयचन्द पॉण्डया, स्वदेष ढिलवारी, पवन जैन बढ़ारी, अषोक जैन एडवोकेट, वीरेन्द्र जैन बढारी, नीरज जैन सुथनिया, विनीत जैन उन्नैरिया, राहुल जैन पंचगईया, राकेश घीया, हेमन्त पॉण्डया, ललित पाण्डया, राजकुमार पॉण्डया, मनीष साहबजाज, निर्मल कोठारी, अनिल पॉण्डया, सुभाष चडौसिया, अनिल निराला, राजीवन निराला, सुनील साहबजाज, चुन्नीलाल जैन, अमन जैन ढिलवारी, श्रेयांस जैन, नागेन्द्र जैन, कपिल जैन, दिनेषचन्द जैन, राजकुमार, उमेष, धीरज साहबजाज, राकेष जैन नायक, अमित चड़ौसिया, लोकेष ढिलवारी, आषीष कोठारी, अमित नायक, विमल जैन, संजय साहबजाज, अनुप दनगसिया, संदीप ढिलवारी, सुभाष दनगसिया, आदि समाज बन्धु उपस्थित रहे। पढ़ें ये खबर भी… अजमेर में उत्तर-भारत की सबसे ऊंची भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा:400 टन के पत्थर को तराश कर बनाई, 11 साल से चल रहा निर्माण, 20 अप्रैल से पंचकल्याणक


