राजस्थान में आने वाले 5 साल में देश का दूसरा सबसे बड़ा हाईवे नेटवर्क हमारा होगा। सड़कों पर ही 90 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। इससे 53 हजार किमी सड़कों का निर्माण होगा। सरकार ने 60 हजार करोड़ की सड़कों का खाका तैयार कर रखा है। 30 हजार करोड़ के 800 किमी लंबे सड़क प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार काम करेगी। राज्य सरकार 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाएगी। यह बनकर तैयार होते ही प्रदेश में हर 100 किमी पर एक एक्सप्रेस-वे हो जाएगा। यूं कहें कि अगले 5 साल में प्रदेश में सड़कों का नेटवर्क साढ़े तीन लाख किमी से भी अधिक होगा। वर्तमान में नेशनल एवं स्टेट हाइवे, जिला, ग्रामीण एवं अन्य सड़कें मिलाकर 2.45 लाख किमी हैं। 56 हजार किमी ग्रवेल, मैटल या मौसमी सड़कों की श्रेणी की हंै। राजस्थान सरकार ने 250 से 500 लोगों की आबादी वाली ऐसी 2748 गांव-ढाणियों को चिह्नित किया है, जहां सड़कें नहीं हैं। इनमें 8 से 10 लाख लोग रहते हंै। इनमें से अधिकांश जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, बालोतरा जैसे क्षेत्रों में है। यहां 4 हजार करोड़ रु. में 6 हजार किमी सड़कों का निर्माण होगा। आजादी के 77 साल बाद यहां के लोगों का सड़क से जुड़ने का सपना पूरा होगा। अब चौथे फेज में 5 हजार करोड़ के काम होंगे हाईवे नेटवर्क में राजस्थान देश में तीसरे नंबर पर पीएम सड़क योजना से क्रांति… वर्ष 2000 में पीएमजीएसवाई की शुरुआत हुई थी आैर फेज वन में 15 हजार 983 गांव – ढाणियों तक 66 हजार से अधिक की सड़कंे बनी थीं। इसमें 12 हजार 86 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। इसके बाद फेज-2 आैर 3 में इनके अपग्रेडेशन का काम हुआ था। जिसमें 1103 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हुए। अब फेज 4 की शुरुआत होने जा रही है। इसमें चार से पांच हजार करोड़ खर्च होने का अनुमान है। तेजी से फैलता नेटवर्क… राजस्थान में 2756 किमी लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित है। इसके अलावा भी एनएचएआई के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में राजस्थान सड़क और खासकर नेशनल हाइवे नेटवर्क के लिहाज से दूसरे नंबर पर आ सकता है। वर्तमान में 52 नेशनल हाइवे की 10790 किमी लंबाई से साथ वह तीसरे नंबर पर है। महाराष्ट्र में 102 हाइवे की 18459 किमी लंबाई के साथ पहले स्थान पर है, यूपी दूसरे नंबर पर है जहां 288 हाईवे की 12270 किमी लंबाई है। 1000 किलोमीटर के स्टेट हाईवे की सौगात; 2000 करोड़ की लागत से तीन साल में पूरे होंगे काम 52 एनएच की 10790 किमी सड़कें प्रदेश से गुजर रहीं, महाराष्ट्र 102 हाईवे के साथ शीर्ष पर जयपुर-बांदीकुई ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे आगरा रोड क्लोअर लीफ ढूंढ नदी अभी 3 लाख किमी सड़कें, 3.50 लाख हो जाएंगी 3 लाख 1811 किमी सड़कों का कुल नेटवर्क किलोमीटरकैटेगरी 10790 नेशनल हाइवे 17291 स्टेट हाइवे 13872प्रमुख जिला सड़कें 53295 अन्य जिला सड़क 150395 ग्राम सड़कें 245643 डामर सड़क 11724 मैटल सड़क 33828 ग्रेवल सड़क 11040 मौसमी सड़क 56592 दूसरी सड़कों की लंबाई जयपुर-बांदीकुई तक 5 इंटरचेंज अंडरपास बांदीकुई से जयपुर बगराना तक 5 इंटरचेंज रहेंगे। कुंडल रोड पर भेडोली, सैंथल रोड पर खुरी खुर्द, जमवारामगढ़ रोड पर सुंदरपुरा, कानोता-बगराना में इंटरचेंज रहेंगे। इससे वाहन एक्सप्रेस-वे पर चढ़ सकेंगे और उतर सकेंगे। इन पर टोल प्लाजा रहेंगे। श्यामसिंहपुरा इंटरचेंज से वाहन सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर जा सकेंगे। दौसा में; बसवा चक सोमाडा, प्रतापपुरा, मीतरवाड़ी, बांस गुढलिया, देलाडी, गादरवाड़ा, मोराड़ी, पीचूपाड़ा खुर्द, दारापुरा, सुमेलकलां, रामपुरा, श्यामसिंहपुरा, सोमाडा, मानोता, गुढलिया, कोलवा, नानगवाडा, तिगड्डा, भांवती। धर्मपुरा, कंडल, सिंडोली, तलवाड़ा, भेडोली, कालोता, खोहरा कंला, दांतली, काली पहाड़ी, पुरोहितों का बास, सिंहपुरा, होदायाली, छांगला, बापी, ढाय, चांदराना, मालपुरा, सीतापुरा, खुरी कलां, खुरी खुर्द, जसोता, बनेठा, महेश्वरा कलां, नांगल बैरसी को फायदा मिलेगा। जयपुर में; मालपुराचौड़, विजयपुरा, बगराना, जमवारामगढ़- कानड़ियावाला, डोडा डूंगर, झोल, गुढ़ा-बास नेवर, लालवास, भानपुर खुर्द, सुंदरपुरा, खेरवास नेवर, मकसूदापुरा, बूज, मानोता, खतेहपुरा, बाढ़ बूज, धूलारावजी। बस्सी हर चंदपुरा बाल्यवाला, विजय मुकुंदपुर हीरावाला, हरध्यानपुरा, गीला की नांगल, कुंथाडार्खुद, कंथडाकला, चकघाटी, सेवापुरा, खो-घाटी, घाटा, हरडी, किशनपुरा, पडासोली, बोरई, पैपुरा, नांगल वोहरा, वडवा, रामजीपुरा, बाढ़ स्वामी, हीरावाला, हरचंदपुरा, पेईपुरा का फायदा मिलेगा। 5 लाख लोगों को फायदा, 30 मिनट बचेंगे केंद्र 800 किलोमीटर लंबे सड़क प्रोजेक्ट पर काम करेगा, ~30 हजार करोड़ खर्च होंगे राज्य 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनते ही हर 100 किमी पर हाईवे, ~60 हजार करोड़ खर्चेगा प्रोजेक्ट 53 हजार किमी सड़कों का निर्माण होगा, केंद्र व राज्य सरकार मिलकर पूरा करेंगी जयपुर-बांदीकुई 67 किमी लंबा ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे का काम 85% पूरा हो चुका है। बगराना क्लोअर लीफ व बांदीकुई क्लोअर लीफ का काम तेजी से चल रहा है। बगराना का क्लोअर लीफ रिंग रोड से कनेक्ट होगा और बांदीकुई कस्बे से कुछ दूर पहले श्यामसिंहपुरा में बन रहा क्लोअर लीफ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस से जुड़ेगा। साथ ही कोलवा में रेलवे ट्रैक के ऊपर पुल का काम चल रहा है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर बलबीर सिंह यादव का कहना है कि प्रोजेक्ट की डेडलाइन नवंबर 2024 थी, लेकिन तीन पुलिया की चौड़ाई व ऊंचाई बढ़ाने के कारण कार्य अवधि 4 माह बढ़ाई गई है। अभी 24 घंटे काम चल रहा है। अगले 90 दिन में एक्सप्रेस-वे शुरू हो जाएगा। इससे जयपुर-आगरा हाईवे पर वाहनों का दबाव 35% कम हो जाएगा और दिल्ली का सफर तीन घंटे में पूरा हो जाएगा। जयपुर से बांदीकुई 67 किलोमीटर 50 मिनट, बांदीकुई से गुरुग्राम घामडोज टोल प्लाजा 168 किमी 1 घंटे 50 मिनट और घामडोज से ईफको चौक गुरुग्राम तक 25 किमी 20 मिनट में पहुंच जाएंगे। शुरू में प्रोजेक्ट की लागत 1368 करोड़ रुपए थी, लेकिन बदलाव के बाद करीब 1400 करोड़ रुपए हो गई। 2753 किमी प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे जयपुर-किशनगढ़, अजमेर, जोधपुर 350 किमी कोटपूतली-किशनगढ़ 181 किमी जयपुर-भीलवाड़ा 193 किमी बीकानेर-कोटपूतली 295 किमी ब्यावर-भरतपुर 342 किमी जालोर-झालावाड़ 402 किमी अजमेर-बांसवाड़ा 358 किमी जयपुर-किशनगढ़-जोधपुर 342 किमी श्रीगंगानगर-कोटपूतली 290 किमी होंगे 1 आरओबी, 6 बड़े व 6 माइनर पुल, 17 आरसीसी बॉक्स एक्सप्रेस-वे पर एक आरओबी, 6 बड़े पुल व 6 छोटे पुल बने हंै। 17 छोटे आरसीसी बॉक्स के अंडरपास बनाए गए हैं। कानोता के पास ढूंढ नदी व खुरी के समीप बाणगंगा नदी पर बड़े पुल बनाने के साथ कोलवा के पास आरओबी बनाया है। H आकार में होगा एक्सप्रेस-वे, गति 120 किमी प्रति/ घंटा एक्सप्रेस-वे के तहत 2756 किमी लंबी सड़कों का निर्माण करवाने का प्रस्ताव है। इस पर करीब एक लाख 2 करोड़ रुपए से अधिक की लागत आएगी। ये सब बन जाते हैं तो प्रदेश में हर 100 किमी की दूरी पर एक्सप्रेस-वे होगा। यानी डेढ़ घंटे में एक्सप्रेस-वे आपकी पहुंच में होंगे। इनमें से आठ की डीपीआर के लिए राज्य सरकार 30 करोड़ रुपए जारी कर चुकी है। जयपुर-जोधपुर एक्सप्रेस-वे केंद्र सरकार ने बनाने की घोषणा की है। वर्तमान में प्रदेश से अभी दो बड़े एक्सप्रेस-वे गुजर रहे हैं। दिल्ली-मुंबई और जामनगर-अमृतसर। दोनों उत्तर से दक्षिण की तरफ जा रहे हैं। इन दोनों जयपुर-जोधपुर नए एक्सप्रेस-वे से जुड़ेंगे। इन सभी एक्सप्रेस-वे हरियाणा, पंजाब, यूपी, मध्यप्रदेश, गुजरात के गुजरने वाले एक्सप्रेस-वे से भी कनेक्ट हो जाएंगे। जिससे एच आकार बनेगा। इन पर वाहनों को रफ्तार 120 किमी प्रति घंटे की रहेगी। जयपुर सहित प्रमुख शहरों से गुजरने वाले भारी वाहनों से निजात मिलेगी। प्रदूषण में कमी आएगी।


