सेहत का मजबूत तंत्र:6 साल में 30 राज्यों के 10 लाख मरीज इलाज कराने जयपुर आए

एसएमएस अस्पताल में एक दिन में 12 हजार से अधिक ओपीडी का रिकॉर्ड है। पिछले 6 साल में 30 राज्यों के 10 लाख मरीजों ने एसएमएस में इलाज करवाया है। साथ ही सबसे अधिक आईपीडी और जांच का वर्ल्ड रिकॉर्ड एसएमएस अस्पताल के नाम। सबसे बड़ा गॉल ब्लेडर निकालने का वर्ल्ड रिकॉर्ड एसएमएस के नाम है। सबसे कम उम्र के बच्चे का गॉल ब्लेडर निकालने का रिकॉर्ड सर्जन डॉ. जीवन कांकरिया के नाम है। जनरल सर्जरी में अभी कई ऐसे प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिन्हें जल्द ही पूरा किया जा सकेगा। बोनमेरो ट्रांसप्लांट में राजस्थान अन्य राज्यों से बहुत आगे। 150 से अधिक ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। देश का एकमात्र राज्य जहां हर तरह की दवा निशुल्क। मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अस्पतालों से लेकर जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी तक निशुल्क इलाज और दवा। देश का एकमात्र राज्य जहां हर तरह की दवा निशुल्क, 150 से ज्यादा बोनमेरो ट्रांसप्लांट हो चुके, यह देश में सबसे ज्यादा प्रदेश में लोगों को बेहतर खाने-पीने की चीजें मिलें, इसलिए शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया। दूध, आटा, दाल, मिठाई से लेकर सभी तरह के खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग की गई और मिलावटियों पर कार्रवाई की गई। हर माह 500 तक कार्रवाई की गई और कोर्ट में चालान पेश किए। नकली दवाइयों पर कार्रवाई के लिए भी अभियान चलाए गए और 100 से अधिक गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की गई। {कंटेंट|संदीप शर्मा हादसों के घायलों को कैसे सीपीआर दिया जाए, किस तरह उठाया जाए, एंबुलेंस तक कैसे ले जाए आदि के लिए एसएमएस का स्किल डवलपमेंट सेंटर अब तक 3500 से अधिक डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टूडेंट और आमजन को प्रशिक्षित दे चुका है। सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ व एसएमएस की ओर से दी जाने वाली ट्रेनिंग में ऐसे उपकरणों से ट्रेनिंग दी जा रही है जो कि पूरे राजस्थान में सिर्फ यहीं हैं। मालूम हो कि हर सप्ताह स्कूल, यूनिवर्सिटी, क्लब, संस्थाएं, पुलिस विभाग में भी ट्रेनिंग लेते हैं। एसएमएस अस्पताल सबसे अधिक ओपीडी का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुका है। अस्पताल में हर दिन 10 हजार औसतन मरीज आते हैं और एक महीने में ही तीन लाख से अधिक मरीज आ जाते हैं। पूरी दुनिया में ऐसा कोई भी सरकारी व निजी अस्पताल नहीं है, जहां इतने अधिक मरीज एक दिन में आते हैं। एसएमएस इसका वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुका है। इसके अलावा जेके लोन, महिला और जनाना अस्पताल में भी रिकॉर्ड मरीज आते हैं।

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