नए सिरे से होगी राशन-कार्ड फर्जीवाड़ा की जांच:बिलासपुर में घोटालेबाज अफसर पर एक्शन नहीं, MLA शुक्ला बोले- फाइल खुलने के बाद बेनकाब होंगे जिम्मेदार

बिलासपुर में सरकारी चावल हड़पने के लिए खाद्य विभाग में 1355 फर्जी राशन कार्ड बना दिया गया। जिसमें चावल का आवंटन भी होता रहा। लेकिन, गड़बड़ी उजागर हुई तो रातों रात फर्जी राशन कार्ड को निरस्त कर दिया गया। हैरानी की बात है कि जांच में गड़बड़ी सामने आई, तब उचित मूल्य की दुकान संचालकों पर एफआईआर दर्ज कर खानापूर्ति कर ली गई। वहीं, दूसरी तरफ, खाद्य विभाग के जिम्मेदार अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले को बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने विधानसभा में उठाया है, जिस पर नए सिरे से जांच के निर्देश दिए गए हैं। विधायक शुक्ला ने कहा कि मुख्यालय से जांच कमेटी बनाई जाएगी, जिसके बाद जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, नगर निगम क्षेत्र में मुफ्त में मिलने वाली सरकारी चावल हड़पने के लिए खाद्य विभाग में कूटरचना कर एपीएल को बीपीएल राशन कार्ड बनाने का मामला सामने आया। इस तरह से फर्जीवाड़ा कर बड़ी संख्या में कार्ड बनाए गए हैं। खास बात यह है कि जिनका कार्ड बनाया गया है, उन उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी तक नहीं है। इस गड़बड़ी में विभाग के अफसर और कर्मचारियों की मिलीभगत होने की आशंका है। ऐसे सामने आया फर्जीवाड़ा
खाद्य विभाग में एपीएल राशन कार्ड को बीपीएल राशन कार्ड बनाने का मामला उस समय सामने आया, जब वास्तविक कार्डधारियों को इसकी जानकारी हुई। पहले उन्हें पता ही नहीं था कि उनके नाम पर बीपीएल कार्ड बन गया है। इस तरह से एक नहीं। बल्कि सैकड़ों की संख्या में राशनकार्ड है, जिसे APL से बदल कर BPL राशन कार्ड बना दिया गया है। इस दौरान कई दुकानों में उचित मूल्य की दुकानों में चावल में गड़बड़ी हुई, तब इस फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ। इस दौरान जिस दुकान में चावल में हेराफेरी की गई है, उसी दुकान में फूड विभाग के अफसरों ने दूसरी दुकानों को भी अटैच कर दिया, ताकि फर्जी राशन कार्ड से चावल उठाव किया जा सके। दुकान संचालकों पर एफआईआर दर्ज कराकर निभाई औपचारिकता
सरकारी राशन हड़पने के मामले में फूड कंट्रोलर ने शासकीय उचित मूल्य की दुकान के विक्रेता पर पूरा ठिकरा थोप दिया। तकनीकी खामियां और गड़बड़ी सामने आने के बाद उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को प्रतिवेदन भेजकर विभाग ने पल्ला झाड़ लिया। विनोबा नगर में संचालित मैग्नेटो मॉल के पास जय माता दी प्राथमिकता उपभोक्ता भण्डार शासकीय उचित मूल्य दुकान (401001121) संचालित किया जा रहा था। यहां के एपीएल हितग्राहियों को बीपीएल कार्ड बनाया गया है। कलेक्टर ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया, जिसके बाद इसकी जांच की जा रही थी। लेकिन, शुरूआती जांच में ही दुकान संचालक को दोषी बता दिया गया और फूड कंट्रोलर अनुराग भदौरिया अपना कारनामा छिपाने के लिए प्रतिवेदन बनाकर एफआईआर के लिए पुलिस को प्रतिवेदन भेज दिया। बता दें कि खाद्य विभाग के अफसर और कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना APL कार्ड को बदलकर बीपीएल कार्ड बनाने का काम केवल विक्रेता नहीं कर सकता। इसके बावजूद जांच में विभाग के किसी अधिकारी-कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं की गई। खाद्य विभाग ने विधानसभा में दी झूठी जानकारी
बेलतरा से बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला ने इस मामले को विधानसभा में उठाया, तब खाद्य विभाग के अधिकारियों ने जवाब में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और विधानसभा को गुमराह किया। विभाग ने कहा कि एक भी फर्जी राशन कार्ड नहीं बना है। जिस पर विधायक शुक्ला ने आपत्ति जताते हुए फर्जी राशन कार्ड के दस्तावेज दिखाए। दूसरी तरफ विभाग के जानकारों का दावा है कि कितनी संख्या में फर्जी राशन कार्ड बना है। इसकी पूरी जानकारी विभाग के पास उपलब्ध है। विभाग के आईडी और सर्वर के आईपी एड्रेस की जांच होगी तो पूरा मामला सामने जा आ जाएगा। MLA बोले- फर्जी राशन कार्ड से सरकारी चावल का हुआ बंदरबाट
विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि खाद्य विभाग के अफसरों ने फर्जी राशन कार्ड बनाकर सरकारी चावल का बंदरबाट किया है। नियमानुसार एपीएल कार्ड को बीपीएल में कन्वर्ट करने से पहले संबंधित कार्डधारियों से श्रम प्रमाण पत्र, आय प्रमाणपत्र सहित अन्य दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाता है। लेकिन, नगर निगम क्षेत्र में बगैर दस्तावेज प्रमाणीकरण के बड़ी संख्या में राशन कार्ड बनाए गए हैं। मुख्यालय से बनेगी जांच कमेटी, दोषियों पर होगी कार्रवाई
MLA शुक्ला ने दैनिकभास्कर को बताया कि विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले की नए सिरे से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जिसमें खाद्य विभाग के जिला स्तर के अधिकारियों को अलग रखने कहा है। खाद्य विभाग के मुख्यालय से जांच कमेटी बनाई जाएगी, जिसके बाद दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *