रायगढ़ में कांग्रेस ने ईडी व BJP का पुतला फूंका:कांग्रेसी बोले- दुर्भावना की मंशा से की गई कार्यवाही, भाजपा के खिलाफ लगाए जमकर नारे

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में कांग्रेसियों ने भारतीय जनता पार्टी व ईडी का पुतला दहन किया। पूर्व मुख्यमंत्री के आवास पर ईडी की छापेमारी की कार्यवाही को लेकर कांग्रेसियों ने अपना विरोध जताया और ईडी की दुर्भावना वाली कार्यवाही के विरोध में तथा भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया गया। मंगलवार की शाम को जिला कांग्रेस कमेटी से नारेबाजी करते हुए काफी संख्या में कांग्रेसी बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ चौक पहुंचे। यहां ईडी व केन्द्र की भाजपा सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन कांग्रेसी पुतला दहन करने में सफल हो गए। कांग्रेसियों ने अपना विरोध जताते हुए कहा कि विधानसभा में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा पीएम आवास पर सवाल पूछे जाने की वजह से भाजपा ने दुर्भावना की मंशा से यह कार्यवाही की है। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष दीपक पांडेय, जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण नगेन्द्र नेगी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शुक्ला, जिला कांग्रेस प्रभारी महामंत्री शाखा यादव, पूर्व महापौर जानकी काटजू,सलीम नियरिया, युवक कांग्रेस प्रदेश महासचिव राकेश पांडेय, संगीता गुप्ता, नगर कांग्रेस अध्यक्ष विकास ठेठवार, वीनू बेगम, रिंकी पांडेय समेत अन्य कांग्रेसी मौजूद थे। ईडी की कार्यवाही बीजेपी के सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा
जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी ने कहा कि विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश भाजपा को पीएम आवास को लेकर सवालों में घेरा था, जो उन्हें रास नहीं आ रहा था। यह छापेमारी बीजेपी के सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा है व कांग्रेस ही नहीं आम जनता भी अब जान चुकी है कि ट्रिपल इंजन की यह सरकार प्रदेश में बनते ही अपना रूप दिखाना शुरू कर चुकी है। उन्होंने कहा कि हमें सजग होकर इनके दुर्भावना के कृत्यों का मुंहतोड़ जवाब देना होगा। पूर्व मुख्यमंत्री को बदनाम करने के लिए की कार्यवाही
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने कहा कि भाजपा के इशारे पर हुई यह कार्यवाही का उद्देश्य कांग्रेस नेताओ को परेशान करना, प्रताड़ित करना और बदनाम करना है। इस कार्यवाही से ईडी के हाथ कुछ नहीं लगा, उल्टा भाजपा की चाल, चरित्र व चेहरे की हकीकत जरूर जगजाहिर हुई है। उन्होंने कहा कि इस छापेमारी की कार्यवाही से लोकतंत्र की हत्या जरूर हुई है क्योंकि भूपेश बघेल को इस कार्यवाही के दौरान उनके आवास पर ही रोक कर रखा गया था, उन्हें विधानसभा नहीं जाने दिया गया व उनका मोबाइल भी जब्त कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बदनाम करने, जबरन फंसाने व परेशान करने की नीयत से ही भाजपा सरकार के इशारे पर यह कार्यवाही हुई है जिसकी चौतरफा सिर्फ निंदा हो रही है।

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