भास्कर न्यूज | अमृतसर सीमा पार से आने वाले ड्रोन को रोकने के लिए पंजाब सरकार की ओर से एंटी ड्रोन सिस्टम का बुधवार सुबह 11 बजे नौशहरा ढाला बार्डर पर ट्रायल किया जाएगा। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और अमन अरोड़ा डीजीपी पंजाब विशेष रूप से पहुंच रहे हैं। बार्डर पर एंटी ड्रोन सिस्टम का ट्रायल लिया जाएगा। गौर हो कि एंटी ड्रोन सिस्टम एक टेक्नोलॉजी है, जिसका इस्तेमाल मानवरहित हवाई उपकरणों को जैम करने के लिए किया जाता है। ड्रोन्स की अलग-अलग क्षमताएं होती हैं, जिस पर वे काम करते हैं। यह टेक्नोलॉजी रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिए ड्रोन की पहचान करती है। हवा में जैसे ही कोई संदिग्ध चीज नजर आती है तो एंटी ड्रोन सिस्टम इसे नष्ट कर देता है। यह एंटी ड्रोन सिस्टम गन ड्रोन हवा में 3 किमी की रेडियस में दुश्मन का पता लगाकर 360 डिग्री की कवरेज देता है। दुश्मन का पता लगाने के बाद यह 2 तरह से काम करता है, हार्ड किल और सॉफ्ट किल। अगर इसको हार्ड किल कमांड दी जाती है तो यह अपने लेजर बीम के जरिए दुश्मन ड्रोन को नष्ट कर देता है। वहीं, सॉफ्ट किल के तहत यह गन ड्रोन दुश्मन ड्रोन को नीचे ला सकता है या फिर लेजर बीम के जरिए उसके जीपीएस और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खराब कर देता है, जिससे ऑपरेटर से दुश्मन ड्रोन का संपर्क टूट जाता है। इस सिस्टम में कई प्रकार ऑपशन हैं। पाकिस्तान से बार्डर पार ड्रोन के जरिए ड्रग और असलहा तस्करी के खात्मे के लिए एंटी ड्रोन सिस्टम पंजाब सरकार लगा रही है। जिससे बार्डर पार से ड्रोन से भेजे जाने वाले ड्रग और असलहा का काम ही खत्म हो जाएगा,क्योंकि यह सिस्टम पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन को नष्ट कर देगी।


