राजस्व महाअभियान-3.0 में भी भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े जिले टॉप-10 में शुमार नहीं हो पाए हैं। हालात ये हैं कि 13 दिसंबर तक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गृह जिला उज्जैन भी 15वें पायदान पर है। इस साल 15 जनवरी से शुरू हुआ ये तीसरा राजस्व महाअभियान है।
भोपाल की रैंकिंग पिछले महाअभियान से और गिर गई है। यह इस बार 29वें पायदान पर पहुंच गया है। पहले अभियान में भोपाल 54वें और दूसरे अभियान में 28वें नंबर पर था। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इस बार भी भोपाल की रैंकिंग न सुधर पाने की वजह पटवारियों का अवकाश पर जाना रहा है। कोलार तहसील को छोड़कर भोपाल की सभी तहसीलों के पटवारी हफ्तेभर से सामूहिक अवकाश पर थे। 15 नवंबर से शुरू हुए महाअभियान की आखिरी तारीख पहले 15 दिसंबर तक थी। हालांकि, सोमवार को इसे 26 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। अब तीसरा महाअभियान जनकल्याण पर्व के साथ 26 जनवरी को ही खत्म होगा। इसलिए, अब तक सभी जिलों की रैंकिंग में बदलाव भी संभव हैं। पहला महाअभियान 15 जनवरी से 31 मार्च तक चलाया गया था। दूसरे अभियान की शुरुआत 15 जुलाई से हुई, जो 31 अगस्त तक चलाया गया।


