बड़े इवेंट रामलीला या कलाकृति ग्राउंड में होंगे:ताज महोत्सव 2025 की तैयारियां शुरू; ताज खेमा पर पहली बार होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

ताज महोत्सव 2025 में समूचे भारत की कला और संस्कृति का संगम होगा। विभिन्न प्रदेशों के शिल्पकार अपनी शिल्प का प्रदर्शन करेंगे। कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से पश्चिबंगाल तक की कला दिखने को मिलेगी। स्टार नाइट और बड़े इवेंट इस बार रामलीला या कलाकृति ग्राउंड पर होगी। जिससे कि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। पूर्व में बड़े इवेंट भी शिल्पग्राम में होते आए हैं। यहां जगह कम होने और भीड़ अधिक होने के कारण काफी परेशानी होती है। इसलिए इस बार बड़े इवेंट के लिए बड़े मैदान तलाशे जा रहे हैं। शिल्पग्राम के मुक्ताकाशी मंच के साथ ही इस बार ताज खेमा पर भी सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। ताजमहल के साये में लोक गीत-संगीत का आनंद उठाया जा सकेगा। किसी बड़े कलाकार का कार्यक्रम भी हो सकता है। इसके लिए ताज महोत्सव समिति अभी से मंथन कर रही है। ताज महोत्सव को इस बार भव्य रूप देने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। कब से शुरू होगा महोत्सव
ताज महोत्सव हर साल 18 से 27 फरवरी तक होगा। 10 दिवसीय महोत्सव के दौरान विभिन्न प्रांतों की कला और संस्कृति की छटा बिखरती है। मगर, इस बार 3 दिन के लिए महोत्सव बढ़ा दिया गया है। इस साल ये महोत्सव 18 फरवरी से 2 मार्च तक होगा।
ये भी जानें इस बार कहां-कहां हो सकते हैं कार्यक्रम शिल्पग्राम का मुक्ताकाशीय मंच, ग्यारह सीढ़ी, सदर बाजार, कलाकृति ग्राउंड, रामलीला ग्राउंड, ताज खेमा। ताज महोत्सव का इतिहास
भारत की समृद्ध कला, शिल्प, कुटीर उद्योग, संस्कृतियां, व्यंजन, नृत्य और संगीत से ओतप्रोत ताज महोत्सव की शुरुआत वर्ष 1992 में हुई थी। इसका उद्देश्य आगरा में पर्यटन को बढ़ावा देना है। उत्तर पर्यटन विभाग इसको आयोजित करता है। यह आयोजन शिल्पग्राम में होता आया है। शिल्पग्राम में झलकता है लघु भारत
ताजमहल के पास स्थित शिल्पग्राम में ताज महोत्सव आयोजित होता है। देशभर से आने वाले शिल्पी यहीं पर अपनी शिल्प का प्रदर्शन करते हैं। इन प्रांतों से आते हैं शिल्पकार
तेलंगाना, गुजरात, झारखंड, वेस्ट बंगाल, पंजाब, बिहार, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, जम्मू एंड कश्मीर, मध्य प्रदेश महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तराखंड, उड़ीसा आदि ये रहते हैं आकर्षण का केंद्र
सहारनपुर का वुड क्राफ्ट, कश्मीर का सूट एवं पशमीना शॉल, गुरुग्राम का टेराकोटा, पश्चिमी बंगाल की कान्था साड़ी, वाराणसी की सिल्क साड़ी, बिहार का सिल्क वस्त्र, भदोही का कारपेट, लखनऊ का चिकन वस्त्र, आंध्र प्रदेश का क्रोशिया तथा सिल्क वस्त्र, प्रतापगढ़ का आंवला उत्पाद, आसाम का केन फर्नीचर, गुजरात का शॉल, खुर्जा की क्रॉकरी, संभल का बोनक्राफ्ट, पिलखुआ का चादर और पंजाब की फुलकारी आदि आकर्षण का केंद्र रहेंगे। यहां भेजे थीम का सुझाव
ताज महोत्सव 2025 की थीम के लिए लोगों से सुझाव मांगे हैं। जिसका सुझाव सर्वश्रेष्ठ होगा, उसी की थीम पर महोत्सव आयोजित होगा। विजेता को 10 हजार रुपये से पुरस्कृत किया जाएगा। पता: सचिव, ताज महोत्सव समिति, उत्तर प्रदेश पर्यटन कार्यालय, 64-ताज रोड, आगरा,
ई-मेल agrauptourism@gmail.com व दूरभाष :0562-2226431 है। ताज महोत्सव 2025 काफी भव्य होगा। इसलिए अभी से इसकी तैयारियां शुरू कराई जा रही हैं। बड़े इवेंट के लिए बड़े मैदान तलाशे जा रहे हैं। इसके साथ ही थीम भी आमंत्रित करने के लिए कहा गया है। रितु माहेश्वरी, मंडलायुक्त

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