10वीं के छात्र से कुकर्म, 20 साल कैद की सजा:ब्लैकमेल कर लगातार करता रहा अप्राकृतिक कृत्य, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया फैसला

सरगुजा में नाबालिग छात्र को धमकाकर उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य करने और उसे ब्लैकमेल करने वाले आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई गई है। मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट पॉक्सो एक्ट कमलेश जगदल्ला ने की। इस मामले में एक अन्य आरोपी स्कूल के चपरासी को पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। जानकारी के मुताबिक, थाना कमलेश्वरपुर में कक्षा 10वीं के 15 वर्षीय छात्र से स्कूल के चपरासी संजय नामदेव ने दोस्ती कर ली और फिर नर्मदापुर वार्ड क्रमांक 8 माझापारा निवासी अशोक चौधरी (38) के साथ मिलकर उसके साथ जबरन अप्राकृतिक कृत्य किया। दोनों ने वर्ष 2015 में संजय नामदेव के किराए के कमरे में जबरन अप्राकृतिक कृत्य किया। इस दौरान जब छात्र ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। लंबे समय तक किया अप्राकृतिक कृत्य
अगले दिन आरोपी संजय और अशोक चौधरी ने उसे धमकी दी कि उन्होंने घटना का वीडियो बना लिया है और अब अगर वह 45 हजार रुपए लाकर नहीं देगा तो वे वीडियो वायरल कर देंगे। इस घटना के बाद छात्र बुरी तरह से डर गया। इस दौरान आरोपी लगातार उसके साथ कई महीनों तक अलग-अलग सुनसान इलाकों में ले जाकर नाबालिग के साथ कुकर्म करते रहे। 10 साल पहले दर्ज हुआ था अपराध
लंबे समय तक प्रताड़ित होने के बाद नाबालिग बालक ने घटना की जानकारी अपनी मां को दी जिसके बाद 29 अक्तूबर 2015 को परिजन के साथ नाबालिग छात्र ने घटना की शिकायत कमलेश्वरपुर थाना में की थी। मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपी संजय नामदेव और अशोक चौधरी को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में संजय नामदेव को पूर्व में कोर्ट से सजा सुनाई जा चुकी है। 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट पॉक्सो एक्ट कमलेश जगदल्ला की अदालत ने अनुसूचित जनजाति के छात्र से अप्राकृतिक कृत्य के लिए अशोक चौधरी को आईपीसी की धारा 377, 386, 506(2), 342 एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अलग-अलग धाराओं में 20 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ अर्थदंड भी लगाया है।

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