कार्रवाई..:राइस मिलर के गरियाबंद और रायपुर के ठिकानों पर ईडी छापे, कैश-दस्तोवज जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने रविवार सुबह 6 बजे गरियाबंद और रायपुर में चार कारोबारियों की ठिकानों में छापेमारी की हैं। चारों के घर से ईडी ने कैश, जेवर और प्रॉपर्टी व बैंक के दस्तावेज जब्त किए हैं।
दो लोगों को पूछताछ के लिए पुजारी पार्क स्थित ईडी मुख्यालय लाया गया है। तीनों कारोबारी जेल में बंद कारोबारी अनवर ढेबर के रिश्तेदार है। कुछ दिन पहले ही गरियाबंद के ग्रामीणों ईडी में कारोबारी गुलाम मेनन को लेकर शिकायत की थी। उनके ऊपर भ्रष्टाचार के पैसों को निवेश करने का आरोप लगाया है। इस छापे के पीछे अनवर का लिंक होना बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार गरियाबंद मैनपुर निवासी किराना कारोबारी गुलाम मेनन के घर सुबह 6 बजे ईडी की टीम पहुंची। इस दौरान सभी का मोबाइल बंद कर दिया गया। टीम शाम तक उसके घर पर जांच करती रही। गुलाम अनवर का मौसेर भाई बताया जा रहा है।
ईडी की दूसरी टीम गुलाम के रिश्तेदार वनोपज व्यवसायी हुसैन मेनन और मौदहापारा निवासी हार्डवेयर कारोबारी रफीक मेनन के घर पहुंची। दोपहर में गरियाबंद निवासी चावल कारोबारी हसन रजा मेमन के घर भी दबिश दी गई। हसन अनवर का भांजा बताया जा रहा है। उस पर चावल कारोबार के आड़ पर आर्थिक गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। चारों के घर से देर शाम ईडी की टीम निकल गई।
बेरोजगारी में भी दो करोड़ की जमीन का आरोप
गरियाबंद के लोगों ने ईडी में शिकायत की है कि गुलाम बेरोजगार है। उसके पिता का कारोबार है। बेरोजगार गुलाम ने दो करोड़ की जमीन खरीदी है। वह राइस मिलर डाल रहा है। उसके पास इतने पैसे कहां से आए। इसकी जांच करना चाहिए। ग्रामीणों को शक है कि शराब घोटाले का पैसा गुलाम को भी मिला है। इसी पैसे से उसने जमीन खरीदा है।
कस्टम राइस मिलिंग घोटाला में मिल सकता है लिंक
राज्य में 2021 से 2023 के बीच 140 करोड़ का कस्टम राइस मिलिंग घोटाला हुआ है। इसमें तत्कालीन एमडी व आईटीएस अधिकारी मनोज सोनी व राइस मिलर एसोसिएशन के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया है। गरियाबंद और रायपुर में हुए छापेमारी को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है। चारों कारोबारी का इससे भी लिंक हो सकता है।

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