नारायणपुर के जंगलों में 12 दिसंबर को हुई मुठभेड़ में 7 नक्सली मारे गए थे। इसके 2 दिन बाद 4 नाबालिग घायल भी सामने आए। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में नक्सली साथियों को बचाने के लिए नाबालिग बच्चों को ढाल बनाए हुए थे, उसी दौरान 4 बच्चों को गोली लगी और वे घायल हुए हैं। इनमें रमली ओयाम के गले में 6 दिन से गोली फंसी है। उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
यहां डॉक्टर उसके गले का ऑपरेशन कर गोली निकालेंगे। इसके अलावा राजू बंडा नाम का एक बच्चा मेकॉज में भर्ती है। इसी तरह सोनू और चेतराम नाम के बच्चा दंतेवाड़ा जिला हास्पिटल में भर्ती है। एसपी गौरव राय ने कहा कि वरिष्ठ नक्सल कैडर कार्तिक की जान बचाने नक्सलियों ने नाबालिग और ग्रामीणों काे ढाल बनाया था। क्रॉस फायरिंग में बच्चों को गोली लगी है। नक्सलियों ने जारी किया था प्रेस नोट
अबूझमाड़ में हुई मुठभेड़ के बाद नक्सलियों की तरफ से भी प्रेस नोट जारी किया था। इसमें 7 लोगों में नक्सलियों ने 1 महिला और 1 पुरुष नक्सली को अपना साथी और बाकी 5 को ग्रामीण बताया था। मुठभेड़ में घायल हुए नाबालिग कहां मौजूद थे, यह नाबालिगों के बयान से स्पष्ट होगा। हालांकि अभी किसी को भी इन घायलों से मिलने नहीं दिया जा रहा है।


