सरगुजा के सेंट्रल जेल के बैरक की जांच के दौरान बैरक से मोबाइल फोन जब्त किया गया है। जिस बैरक में मोबाइल मिला है, उसमें दुर्ग से लाया गया कुख्यात बदमाश दीपक नेपाली और सूरजपुर में मां-बेटी की हत्या का आरोपी कुलदीप साहू भी रहता है। जेल अधीक्षक ने मोबाइल फोन जब्त होने की पुष्टि की है। जेल अधीक्षक ने कहा कि इसकी जांच की जा रही है कि मोबाइल फोन बैरक में कैसे पहुंचा। जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर सेंट्रल जेल के जिस बैरक में कुख्यात बदमाशों को रखा गया है, उस बैरक की जांच में जेल प्रबंधन को एक मोबाइल फोन मिला है। बैरक के अंदर मोबाइल मिलने से हड़कंप मच गया। जेल अधीक्षक योगेश सिंह ने इसकी पुष्टि की है। संदेह होने पर की गई जांच तो मिला मोबाइल
जेल अधीक्षक योगेश सिंह ने बताया कि जेल के एक बैरक में कुछ संदिग्ध गतिविधियों के पता चलने पर बैरक की जांच की गई तो बैरक में एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है। यह मोबाइल टॉयलेट में छिपाकर रखा गया था। जब्त मोबाइल किसके द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था, इसका पता नहीं चल पाया है। कैसे पहुंचा मोबाइल इसकी भी जांच
जिस बैरक में मोबाइल फोन बरामद किया गया है, उसमें दुर्ग से शिफ्ट किया गया कुख्यात बदमाश दीपक नेपाली और सूरजपुर में हेड कांस्टेबल की पत्नी और बेटी की हत्या का कुख्यात अपराधी कुलदीप साहू भी रहता है। दीपक नेपाली का नाम महादेव सट्टा ऐप के कारण सुर्खियों में आया। हालांकि, उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। उसे कोर्ट के आर्डर पर अंबिकापुर शिफ्ट किया गया है। दोहरे हत्याकांड के आरोपी कुलदीप साहू को अन्य चार आरोपियों के साथ पकड़ा गया था। उसे अंबिकापुर सेंट्रल जेल में रखा गया है। कई माध्यमों से पहुंच सकता है मोबाइल
जेल अधीक्षक योगेश सिंह ने कहा कि मोबाइल फोन कई माध्यमों से जेल में पहुंच सकता है। किसी मुलाकाती के माध्यम से, कोर्ट में पेशी के दौरान या फिर जेल के किसी कर्मचारी की मदद से मोबाइल फोन बैरक तक पहुंच सकता है। इसकी जांच की जा रही है।


