भास्कर न्यूज | लोहरदगा मारवाड़ी समाज के महिला व पुरुषों ने अपने रीति-रिवाज के साथ धूमधाम से शीतला माता की पूजा की। समाज की महिलाएं और पुरुषों ने सुबह-सुबह ही ठाकुरबाड़ी मंदिर परिसर (गुदरी बाजार) में माता शीतला की पूजा-अर्चना की और उन्हें एक दिन पूर्व बने अनेक व्यंजनों के ठंडे प्रसाद से भोग लगाए। इस दिन मारवाड़ी समाज के लोग पूरे दिन भर घर पर एक दिन पूर्व के बने वासी ठंडे भोजन ही करते हैं घर पर चूल्हा तक नहीं जलाते। मान्यता है कि शीतला अष्टमी होली के सातवें दिन मनाई जाती है। इस दिन शीतला मां का आशीर्वाद पाने के लिए पूरे विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना किया जाता है। आज इसे बसियौरा लोक पर्व से भी जाना जाता है। शीतला माता के पास अद्भुत शक्तियां है। जिससे कि सभी प्रकारों के त्वचा रोगों से बचाती है और गर्मी से होने वाले सभी बीमारियों के साथ-साथ नेत्र की रोशनी को भी बचाती है। यह पर्व मारवाड़ राजस्थान में अपने रीति रिवाज के साथ काफी धूमधाम से मनाया जाता है। लोहरदगा जिला मारवाड़ी सम्मेलन के जिला अध्यक्ष दीपक सर्राफ ने शीतला पूजा की सभी को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता शीतला सभी के रोग को हर ले। जिससे कि रोग मुक्त होते हुए सभी स्वस्थ एवं सुखी रहे। पूजा अर्चना करने वालों में दीपक सर्राफ, सरोज सर्राफ, चांदमल पोद्दार, निशांत सर्राफ, निधि पोद्दार, मंजूला केडिया, अंजलि सर्राफ, मीनू राजगढ़िया, सीमा केडिया, आकांक्षा सर्राफ, अमर पोद्दार, दीपा पोद्दार, नीतू पोद्दार, प्रतीक पोद्दार, मीणा बंका, नेहा पोद्दार, मंजू मोदी, सीमा पोद्दार, नेहा राजगढ़िया, रश्मि अग्रवाल, नीलू शर्मा, दीप्ति शर्मा, सत्यम सर्राफ, विनायक केडिया, अतुल सर्राफ, प्राची केडिया, परी राजगढ़िया, सन्नू शर्मा के अलावा समाज के काफी महिलाएं-पुरुष-बच्चे आदि लोगो ने शीतला माता की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त की।


