भास्कर न्यूज | तोंगपाल सीआरपीएफ की 227 वी वाहिनी द्वारा तोंगपाल स्थित मुख्यालय परिसर में बुधवार को हर्षोल्लास से 86वां सीआरपीएफ दिवस मनाया गया। इस मौके पर 227 बटालियन द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें सर्वप्रथम वाहिनी कमांडेंट मनीष कुमार भारती ने क्वार्टर गार्ड पर सेरिमोनियल गार्ड की सलामी ली व शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर देश की सुरक्षा में शहीद हुए बटालियन के जवानों को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उपस्थित सभी अधिकारियों व जवानों को सीआरपीएफ के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया। शाम को खेल-कूद प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया गया जिसमें सभी जवानों ने खेल भावनाओं को ध्यान में रखते हुये खेल का आनंद लिया। रात्रि में बड़े खाने का आयोजन किया गया जिसमे सभी अधिकारियों व जवानों ने एक साथ मिलकर रात्रि भोज किया। इस अवसर पर संजीव कुमार द्वितीय कमान अधिकारी (प्रशासन), बृज मोहन राठौर (उप कमांडेंट), डॉ अमर नाथ (एसएमओ) एवं बटालियन के समस्त अधीनस्थ अधिकारी व जवान उपस्थित रहे। ज्ञात हो कि 27 जुलाई 1939 को नीमच मध्यप्रदेश में सीआरपीएफ की स्थापना हुई थी तथा मार्च 1950 को तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सीआरपीएफ को ध्वज दिया था, जो बल के लिए एक महत्वपूर्ण सम्मान है। इसलिए 19 मार्च को सीआरपीएफ दिवस के रुप में मनाया जाता है। इस दिवस पर बल के जवानों के साहस और समर्पण को सम्मान किया जाता है तथा देखते ही देखते सीआरपीएफ विश्व का सबसे बड़ा अर्द्धसैनिक बल बन गया। जम्मू कश्मीर, उत्तर पूर्वी राज्यों एवं नक्सल प्रभावित राज्यों की आंतरिक सुरक्षा में इस बल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


