कोडरमा में बारिश से लोगों को मिली गर्मी से राहत:तैयार फसल को नुकसान की आशंका, वज्रपात का भी अलर्ट

पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम विभाग ने मौसम में बड़ा बदलाव होने के संकेत दिए थे। इसका असर गुरुवार की सुबह से दिखने लगा। कोडरमा समेत राज्य के कई जिलों में सुबह से ही बारिश शुरू हो गई। इससे बढ़ती गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। वहीं, कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बारिश खेत में तैयार फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

इन इलाकों के लिए जारी किया गया है ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, 20 मार्च को रांची लोहरदगा, गुमला, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला खरसावां समेत अन्य जिलों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि, गर्जन के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में ऑरेंज अलर्ट भी किया था। वहीं, पलामू, गढ़वा, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, लातेहार, बोकारो, रामगढ़, देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ एवं साहिबगंज जिले में कहीं-कहीं पर गर्जन और तेज हवा का झोंका के साथ वज्रपात होने की संभावना व्यक्त की गई है। बारिश से बाजार हुआ सुस्त इधर, गुरुवार को हो रही बारिश के कारण एक ओर जहां लोगों को लगातार बढ़ रही गर्मी से राहत मिली है। वहीं, दूसरी ओर इसका असर बाजार पर देखने को मिल रहा है। सुबह से ही कोडरमा का झुमरीतिलैया बाजार सुस्त पड़ा हुआ है। लोग घरों में दुबके हुए हैं। इसके कारण बाजार में भीड़ भाड़ में कमी देखने को मिल रही है। तैयार फसल को फायदा तो खड़ी फसल को नुकसान वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार रॉय ने बताया कि फिलहाल मूंग उगने का समय है। इसके लिए यह बारिश काफी फायदेमंद है। यह बारिश वैसे फसल जो अभी भी खेत में लगे हुए हैं, जिसमें खासकर सरसों है, उसके लिए तो फायदेमंद है। जो सरसों पक चुका है, उसके लिए यह बारिश नुकसानदेह साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि जो भी फसल तैयार हो चुका है, उसे प्लास्टिक के तिरपाल से ढक कर बचाया जा सकता है।

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