जामताड़ा के 1030 में से 786 स्कूलों में बेंच-डेस्क ​की कमी, आधे से अधिक बच्चों को बैठना पड़ता है जमीन पर

मुकेश कुमार सिंह | जामताड़ा सरकार स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। पीएम श्री, स्कूल ऑफ एक्सीलेंस व मॉडल स्कूल के तहत स्कूली बच्चों को स्मार्ट शिक्षा देने की ओर बढ़ रही है। लेकिन, जामताड़ा जिले में आज भी शिक्षा व्यवस्था पुराने ढर्रे पर ही चल रहा है। हालात यह हैं कि चाहे ठंडा हो, गर्मी या बरसात, हर मौसम में बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ना पड़ता है। जिले में कुल स्कूल 1030 हैं। 786 स्कूलों में पर्याप्त बेंच- डेस्क नहीं । इनमें 7381 और गैस बेंच की आवश्यकता है। जिले के सभी स्कूलों में कुल बच्चों की संख्या 1,45,000 है। 786स्कूलों में बच्चों के अनुपात में बेंच डेस्क की भारी कमी है। ऐसे में आधे बच्चे बेंच- डेस्क तो आधे बच्चे जमीन पर बैठने को विवश हैं। उच्च विद्यालय के बच्चे जब जमीन पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करते हैं तो उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बच्चों ने बताया कि जमीन पर घंटों तक बैठने से हिप और रीढ़ की हड्डी में दर्द उत्पन्न हो जाता है। बेंच में बैठने पर पैर फैलाने की सुविधा होती है, जिससे शरीर को आराम लगता है। भास्कर न्यूज | जामताड़ा उपायुक्त कुमुद सहाय की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय प्रकोष्ठ में कारा सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में मंडल कारा के नए जेल निर्माण स्थल पाथरचपड़ा में जलापूर्ति के लिए प्राक्कलन, जेल सुरक्षा, कैदियों की मूलभूत सुविधाएं, मुलाकात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, ड्रैगन लाइट, जैमर, टेलीफोन बूथ, वॉकी-टॉकी, सायरन, बैरिकेडिंग, इलेक्ट्रिक फेंसिंग और रिक्त पदों पर कक्षपालों की नियुक्ति जैसे मुद्दों पर समीक्षा हुई। उपायुक्त ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिए। पाथरचपड़ा में जलापूर्ति के लिए पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल से प्राप्त प्राक्कलन अधूरा रहने पर उसे सुधारकर जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। मंडल कारा में बीमार कैदियों के इलाज के लिए सदर अस्पताल जामताड़ा में कैदी वार्ड के सिविल कार्य की प्रगति की समीक्षा हुई। इसे समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। जेल में डंप पड़े कचरे के निस्तारण को लेकर भी संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि जेल सुरक्षा में कोई चूक नहीं होनी चाहिए। सभी सुरक्षा उपकरणों और प्रकाश व्यवस्था की जांच कर उचित कदम उठाने के निर्देश दिए। जेल में आने-जाने वालों की सघन तलाशी अनिवार्य होगी। मुलाकात के बाद परिजनों द्वारा भेजी गई सामग्री की पूरी जांच के बाद ही जेल में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। कैदियों को जेल मैनुअल के अनुसार सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक एहतेशाम वकारीब, सिविल सर्जन डॉ. आनंद मोहन सोरेन, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय संजय कुमार सिंह, प्रभारी कारा अधीक्षक विजय कुमार, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी राहुल प्रियदर्शी, प्रभारी कारापाल ललन कुमार भारती सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कई स्कूलों में बेंच-डेस्क टूटे, बीआरसी ने विभाग को दिया आवेदन, पर पहल नहीं जामताड़ा शहर में स्थित आदर्श मध्य विद्यालय को पीएम श्री विद्यालय की मान्यता दी गई है। विद्यालय में 431 बच्चों का नामांकन है। वहीं 120 बेंच उपलब्ध है, जिसमें से 20 से अधिक बेंच डेस्क खराब की स्थिति में हैं। जबकि 25 बेंच-डेस्क के लिए बीआरसी में आवेदन दिया गया है। अधिक बच्चे विद्यालय आने पर आधे विद्यार्थियों को बेंच में तो आधे विद्यार्थियों को जमीन पर बैठना पड़ता है। करमाटांड़ प्रखंड अंतर्गत पीएम श्री उच्च विद्यालय पट्टाजोरी में 550 बच्चों का नामांकन है। 80 बेंच-डेस्क उपलब्ध हैं। जबकि, 100 बेंच-डेस्क की आवश्यकता है। वहीं चौथी, पांचवीं व छठी वर्ग के बच्चे जमीन पर बैठकर पठन-पाठन करते हैं। प्रखंड बीआरसी एवं जिला शिक्षा विभाग को बेंच डेस्क के लिए आवेदन दिया गया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।

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