स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सदन में की घोषणा:डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों के खाली पदभरेंगे, 1 साल में 10 हजार नियुक्तियां होंगी

झारखंड में डॉक्टर से लेकर पारा मेडिकलकर्मियों के खाली पद भरे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग में जल्दी ही 10 हजार नियुक्तियां होंगी। रिम्स के साथ ही सदर अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की दशा भी बदलेगी। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने यह घोषणा की। वे भाजपा विधायक मनोज यादव के सवालों का जवाब दे रहे थे। स्वास्थ्य विभाग की अनुदान मांगों पर कटौती प्रस्ताव लाते हुए मनोज यादव ने कहा था कि डॉक्टरों की कमी और लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण पिछले पांच साल में रिम्स समेत अधिकतर अस्पताल बीमार हो गए हैं। इसी बीच विपक्ष के वॉकआउट के बीच स्वास्थ्य विभाग की 7470 करोड़ रुपए की अनुदान मांग ध्वनिमत से पारित हो गई। विधायक के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने माना कि कुछ अस्पतालों की स्थिति ठीक नहीं है। डॉक्टर से लेकर पारा मेडिकल कर्मियों तक की कमी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि स्थिति बदलेगी। एक साल में 10 हजार नियुक्ति होगी। 6500 करोड़ की लागत से रिम्स का रीडेवलपमेंट किया जाएगा। रिम्स में अभी 2200 बेड की क्षमता है। इसे बढ़ाकर 3500 बेड किया जाएगा। 5000 लोगों की क्षमता वाला ओपीडी हॉल बनाया जाएगा। यूजी और पीजी स्टूडेंट्स के लिए 14 मंजिला हॉस्टल बनेगा। गर्भवती की अल्ट्रासाउंड जांच मुफ्त होगी, रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिलेगी, सभी अस्पतालों में आंखों की जांच इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड के लोगों को अस्पताल में मुफ्त दवा मिलेगी। 10 रुपए में अधिकतर जांच की जाएगी। रिम्स में सभी टेस्ट होंगे। एमआरआई समेत जो भी बड़ी आधुनिक जांच मशीनें खरीदी जाएंगी, उसे उक्त कंपनी को 10 साल तक चलाने के लिए दिया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की शिकायत न मिले। गर्भवती महिलाओं को मुफ्त में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग अब एआई टेक्नोलॉजी अपनाएगा। इसके अंतर्गत ऑपरेशनों में रोबोटिक सर्जरी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा। सभी अस्पतालों में आंखों की जांच होगी। एक दूसरा रिम्स बनाने की भी योजना है। हेल्थ कॉटेज, मेडिको सिटी, 1258 नए स्वास्थ उपकेंद्र बनेंगे, सदर अस्पतालों में आईसीयू भी मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 25 हेल्थ कॉटेज बनाए जाएंगे। यह हेल्थ कॉजेट सुदूरवर्ती ट्राइबल क्षेत्रों में खुलेंगे। अगले दो वर्षों में 1258 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र खोले जाएंगे। यहां पर स्थानीय डॉक्टर नियुक्त किए जाएंगे। सभी विधायकों को 15-15 स्वास्थ्य उपकेंद्र दिए जाएंगे। उनकी अनुशंसा से यह बनेगा। राज्य के सभी सदर अस्पतालों में आईसीयू स्थापित किए जाएंगे। रांची में मेडिको सिटी का निर्माण किया जाएगा। रिनपास की 85 एकड़ जमीन पर इसे पीपीपी मोड में बनाया जाएगा। 48 ट्रामा सेंटर और 10 सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनेंगे, सहिया को टैब मिलेगा मंत्री की घोषणा के अनुसार राज्य में 48 नए ट्रामा सेंटर बनाए जाएंगे। 10 सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों का निर्माण होगा। हर जिले में नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे। मंत्री ने कहा कि राज्य में करीब 42 हजार सहिया हैं। इन सबको स्वास्थ्य विभाग टैब देगा। मंत्री ने कहा कि इतना सब कुछ होने के बाद राज्य को मेडिकल टूरिज्म का लाभ मिलेगा। डॉक्टरों की होगी मनचाही पोस्टिंग: स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार डॉक्टरों की मनचाही पोस्टिंग करेगी। भाजपा सरकार के दौरान रांची के डॉक्टर को गढ़वा तो गढ़वा के डॉक्टर को साहिबगंज भेज दिया गया। अब डॉक्टर जहां जाना चाहते हैं, वे आवेदन दें। उनकी मनचाही पोस्टिंग की जाएगी। ताकि वे अपने क्षेत्र में रह सकें।

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