भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जज अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल ने केंद्रीय जेल का निरीक्षण किया। उन्होंने जेल बैरकों, रसोई, कानूनी सहायता क्लीनिक और अस्पताल का जायजा लिया। कैदियों और हवालातियों के लिए बनाई जा रही रसोई का भी निरीक्षण किया और भोजन का स्वाद चखा, जो संतोषजनक पाया गया। इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमरिंदर सिंह गरेवाल, चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अमरदीप सिंह बैंस, जेल अधीक्षक हेमंत शर्मा और सहायक अधीक्षक कंवर सुरतेग सिंह भी मौजूद रहे। जज ने जेल के अंदर ‘रेडियो उजाला’ स्टेशन का उद्घाटन किया। उन्होंने सार्वजनिक संबोधन प्रणाली के जरिए कैदियों/हवालातियों को संबोधित किया और बताया कि यदि किसी कैदी व हवालाती को कोई शिकायत है तो वह चक्कर पर आकर बता सकता है। इसके बाद कुछ कैदी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। इस मौके पर ‘एक पेड़, मां के नाम’ पहल के तहत जज ने नीम का पौधा भी लगाया। कैदियों की शिकायतें जेल अधिकारियों के सामने रखी गईं। उन्हें पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण को दी जा रही मुफ्त कानूनी सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि जेल में बंद सभी कैदी, हवालाती चाहे दोषी हों या विचाराधीन, कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के तहत मुफ्त कानूनी सहायता के हकदार हैं। कैदी या हवालाती एक साधारण अर्जी देकर मुफ्त कानूनी सहायता वकील प्राप्त कर सकते हैं। अगर किसी कैदी को अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया है और वह सजा के खिलाफ अपील करना चाहता है, तो वह जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, अमृतसर के कार्यालय या जेल में स्थित कानूनी सहायता क्लिनिक में अर्जी दे सकता है। केस के दौरान होने वाला पूरा खर्च जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण वहन करता है। कैदियों को यह भी बताया गया कि जेल में एक कानूनी सहायता क्लीनिक स्थापित है, जहां प्रशिक्षित पैरा-लीगल वॉलंटियर्स (लंबी सजा काट रहे कैदी) तैनात किए गए हैं।


