छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में गुरुवार को दो अलग-अलग मुठभेड़ों में 30 नक्सली मारे गए। पहली- बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर और दूसरी कांकेर-नारायणपुर सीमा पर हुई। सर्चिंग जारी है। ऐसे में मृतक संख्या बढ़ सकती है। जानकारी के मुताबिक बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के अंडरी और गमपुर के बीच जंगल में करीब 600 जवानों की पार्टी नक्सलियों को घेरने रवाना हुई थी। जवानों के रात में घेराबंदी की बड़ी वजह मौजूदा मौसम है। पतझड़ के कारण जंगलों में पेड़ों के पत्ते गिर रहे हैं, जिससे वहां अंधेरा कम (दृश्यता में इजाफा) है। इसी का फायदा उठाते हुए जवानों ने रातभर पैदल चलकर पूरे इलाके को घेर लिया। सुबह तक नक्सलियों को जवानों की घेराबंदी की भनक तक नहीं लगी। सुबह जब तक नक्सली संभल पाते, तब तक 26 नक्सलियों को जवान ढेर कर चुके थे। हालांकि डीआरजी का एक जवान शहीद हो गया है। मौके से हथियार भी बरामद किए हैं। उधर, नारायणपुर और कांकेर की सीमा पर मुठभेड़ में 4 नक्सली ढेर हुए हैं। एक डीआरजी जवान भी शहीद, आईजी बोले- 80 दिन में मारे जा चुके हैं 93 नक्सली नक्सलियों से मोर्चा लेने के दौरान मुठभेड़ में डीआरजी जवान राजू ओयामी शहीद हो गए। मारे गए नक्सलियों के साथ ही शहीद की पार्थिव देह भी लाई जा रही है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि साल 2024 में नक्सल विरोधी अभियान में मिली बढ़त को बरकरार रखते हुए इस साल भी नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि पिछले 80 दिनों में अलग-अलग मुठभेड़ों में 93 नक्सलियों को ढ़ेर किया जा चुका है। दरअसल, बुधवार को पुलिस अफसरों को गंगालूर थाना क्षेत्र के अंडरी और गमपुर के बीच जंगल में नक्सलियों के बड़े लीडर्स की मौजूदगी के इनपुट मिले थे। इनपुट के मुताबिक नक्सली आने वाले दिनों में बस्तर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की रणनीति तैयार करने वाले थे। इस पर पुलिस अफसरों ने बुधवार की रात ही डीआरजी, एसटीएफ व सीआरपीएफ की संयुक्त पार्टी रवाना हुई। शीर्ष नक्सली पापा राव व लिंगू 75 लड़ाकों के सुरक्षा घेरे में मौके से भागे बताया गया है कि मुठभेड़ के वक्त शीर्ष नक्सली लीडर पापा राव और लिंगू भी जंगल के अंदर नक्सलियों के ठिकाने पर मौजूद थे। जैसे ही जवानों ने नक्सलियों को घेरकर उन पर हमला किया और नक्सली ढेर होने लगे तो दोनों शीर्ष नक्सली लीडर 75 लड़ाकों के सुरक्षा घेरे में मौके से भाग निकलने में कामयाब हो गए। भाग रहे नक्सली लीडरों को पकड़ने के लिए अलग से जवानों की टीम भी रवाना की गई। ऐसा माना जा रहा है कि सर्चिंग के दौरान कुछ घायल नक्सली बचने के लिए जंगल में छिपे हैं, उनकी तलाश की जा रही है। बैकअप फोर्स भेजी गई है। ‘नक्सलमुक्त भारत अभियान’ की दिशा में आज हमारे जवानों ने बड़ी सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में हमारे सुरक्षा बलों के 2 अलग-अलग ऑपरेशन्स में 22 नक्सली मारे गए। अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सलमुक्त होने वाला है।- अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री क्रूर, निरंकुश नक्सलवाद का अंत उचित है, भयमुक्त होगा बस्तर 2026 तक, यह तय है….प्रदेश में नक्सलवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई मजबूती से जारी है। मुठभेड़ में डीआरजी के जवान के शहीद होने की भी दुःखद खबर है। उनकी यह शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी।।- विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री


