सड़कों पर ठेले-गुमटियां लगाकर यातायात को बाधित करने वालों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई लगातार जारी है। सालों से सड़कों पर कब्जा जमाकर कारोबार करने वालों पर निगम का बुलडोजर पूरे जोरशोर से चल रहा है। लोगों के प्रतिरोध के बावजूद पिछले तीन दिनों से कार्रवाई जारी है। घने व्यावसायिक इलाकों से ठेले-गुमटियां जब्त की जा रही हैं। सामान हटवाए जा रहे हैं।
इस दौरान निगम के अमले को लोगों के प्रतिरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में निगम कर्मचारियों से झूमाझटकी और पत्थरबाजी की घटनाएं भी हुई हैं। राज्य में भाजपा की सरकार आने के बाद पूरे शहर में जिस अंदाज में अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाया गया था, उसी तरह राजधानी में एक बार फिर से कार्रवाई की जा रही है। निगम का एकमात्र उद्देश्य हर्डल्स को हटाकर सड़कों को आम लोगों के लिए चलने लायक बनाना है। मालवीय रोड, बैजनाथपारा, चिकनी मंदिर, शास्त्री बाजार, गोलबाजार जैसे व्यावसायिक इलाकों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहां कारोबारियों ने दुकानों को सड़क पर 10-15 फीट तक बढ़ा लिया है। इससे सड़क सिमटकर 15 से 20 फीट रह गई है। दुकानों के बाहर लगे एंगल्स और शेड इत्यादि को तोड़कर जब्त किया जा रहा है। इसी तरह एक्सप्रेस-वे के नीचे खाली जगहों पर भी लोगों ने अवैध कब्जे कर गैराज, होटल, पंचर की दुकानें और चाय ठेले खोल लिए हैं। निगम ने पंडरी, शंकर नगर, तेलीबांधा और देवेंद्र नगर में एक्सप्रेस-वे के नीचे भी अवैध कब्जे हटाए। इस दौरान बुधवार को देवेंद्र नगर में कार्रवाई के लिए पहुंचे निगम व जिला प्रशासन के अमले पर कुछ शरारती लोगों ने पथराव कर दिया। इसकी शिकायत देवेंद्र नगर थाने की गई है। यही नहीं, कई जगहों पर अमले को लोगों के भरसक विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। इसलिए अब प्रशासन का अमला साथ में पुलिस बल लेकर चल रहा है। पिछले तीन दिनों में निगम अमले ने डेढ़ सौ से ज्यादा कार्रवाइयां की हैं। गुरुवार को भी निगम की टीम ने जोन-8 जोन कमिश्नर एके हालदार के निर्देश पर कार्रवाई की। जीई रोड पर टाटीबंध से एम्स अस्पताल तक अभियान चलाया गया है।


