बिलासपुर में डॉक्टर माखीजा के घर से तीन लाख रुपए का हीरा जड़ित सोने का कंगन चोरी हो गया। चोरी की वारदात को उनके घर में रसोइया का काम करने वाली युवती ने ही अंजाम दिया। उसने एक कंगन गिरवी रखने और दूसरा बेचने के लिए अपने दो परिचित की दो महिलाओं को दे दिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने केस में दो सराफा कारोबारी सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला तारबाहर थाना क्षेत्र का है। दरअसल, मित्र विहार निवासी डॉक्टर रिया माखीजा अपने घर पर सोने की हीरा जड़ित कंगन रखी थी, जो कुछ दिन पहले गायब हो गई। इस पर उन्होंने अपने पति डॉक्टर ललित माखीजा को इस घटना की जानकारी दी। साथ ही बताया कि घर में खाना बनाने वाली सरजू बगीचा निवासी हेमा ध्रुव पर कंगन चोरी करने का शक है। पहले उन्होंने अपने स्तर पर पूछताछ की। लेकिन, कंगन नहीं मिला। तब उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने केस दर्ज कर हेमा से पूछताछ की, तब वो पहले गोलमोल जवाब देने लगी। बाद में उसने कंगन चोरी करने की जानकारी दी। परिचित की महिलाओं के जरिए रख दी गिरवी
पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि एक कंगन को उसने अपने पड़ोसी करुणा राजपूत (33) और दूसरे को प्रीति सिंह राजपूत (47) को दी थी। जिसके बाद पुलिस ने करूणा और प्रीति को पकड़कर पूछताछ की। तब पता चला कि एक महिला ने एक कंगन को सराफा व्यापारी के पास 45 हजार रुपए में बेच दी। वहीं, दूसरी महिला ने दूसरे कंगन को सदर बाजार स्थित संतोषी ज्वेलर्स में कंगन को 65 हजार में गिरवी रख दिया। दोनों ने पूछताछ के बाद पुलिस ने मुंगेली के सराफरा कारोबारी राजकुमार जैन और संतोषी ज्वेलर्स के संचालक सराफा कारोबारी विजय गांधी को भी पकड़ लिया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों कंगन को बरामद कर लिया है। अर्नेश केस का बहाना, जेल नहीं भेजने जमकर वसूली
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने अर्नेश कुमार के केस की सुनवाई के बाद केंद्र और राज्य सरकार को सात साल से कम सजा के केस में आरोपियों को बेल देने का आदेश दिया है। लेकिन, जिले के थानों में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी आरोपियों का चेहरा देखकर कार्रवाई की जा रही है। तारबाहर पुलिस ने चोरी, खरीद-फरोख्त और माल रखने के आरोप में सभी को गिरफ्तार किया। उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत थाने से मुचलके पर छोड़ना था। लेकिन, पुलिस ने आरोपियों से 50 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक की रकम वसूली कर ली। ऐसे ही अन्य मामलों में भी इस गाइडलाइन की आड़ में मोटी कमाई करने का खेल चल रहा है। पैसे नहीं देने पर आरोपियों को जेल भेजने का भय भी दिखाया जाता है।


