कांग्रेस ने अंबेडकर का अंतिम संस्कार तक नहीं होने दिया:दिलावर बोले- SC-ST का कोई दुश्मन है तो वह कांग्रेस, प्रदर्शन को फ्लॉप शो बताया

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर अजमेर पहुंचे हैं। इस मौके पर दिलावर ने अमित शाह के बयान पर हो रहे विरोध पर कहा कि डॉ अंबेडकर का जितना अपमान कांग्रेस ने किया वह किसी ने नहीं किया। उनका अंतिम संस्कार तक नहीं होने दिया गया। दिलावर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और पंचायती राज्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेने अजमेर पहुंचे हैं। संसद में अमित शाह के बयान पर लगातार हो रहे विरोध को लेकर मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि अमित शाह हमारे राष्ट्रीय लीडर है। उन्होंने कोई अनुसूचित जनजाति जाति के खिलाफ किसी प्रकार का बयान नहीं दिया है। उन्होंने कहा है कि डॉ अंबेडकर का जितना अपमान कांग्रेस ने किया वह किसी ने नहीं किया। कांग्रेस ने राजघाट पर उनका अंतिम संस्कार तक नहीं होने दिया। उनका चित्र कांग्रेस के होते हुए कभी लोकसभा में नहीं लगा। मंत्री दिलावर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के निवेदन पर उस समय गैर कांग्रेसी सरकार ने चित्र को लगाया। जो सरकार अंतिम सरकार नहीं होने दिया चित्र नहीं लगने दिया और श्रेष्ठ महापुरुष को भारत रत्न न दे इससे बड़ा क्या हो सकता है। इसलिए हम कहते हैं यदि अनुसूचित जाति और जनजाति की कोई दुश्मन है तो वह कांग्रेस है। दिलावर ने कांग्रेस के प्रदर्शन को फ्लॉप शो बताया। दिलावर बोले- छोटी उम्र में बच्चे जल्दी सीखते हैं मंत्री मदन दिलावर ने स्कूल में स्थानीय लोकल भाषा पढ़ाने के सवाल पर कहा कि मैंने ही कहा ऐसा नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू की है इसमें यह सब प्रावधान है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा के बारे में राष्ट्रीय शिक्षा नीति में यह है की स्थानीय भाषा जिसे लोकल भाषा भी कह सकते हैं और मातृभाषा भी पढ़ाई जाए। क्योंकि जो बच्चा होता है वह गोदी व परिवार में रहता है, वह बिना कुछ लिखे पढ़े ही वह सब बातचीत करें। जब वह स्कूल जाता है तब उसे दूसरा वातावरण दिखाई देता है, दूसरी भाषा मतलब हिंदी भाषा मिलती है। हिंदी भाषा की अपेक्षा बोलचाल की भाषा जल्दी सीखते हैं। इसलिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कहा गया है कि प्रारंभिक शिक्षा बच्चों की लोकल भाषा में की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चा उसकी अवस्था में उसकी घर की भाषा बोलना जल्दी सीखेगा। मां जब गर्भवती होती है, तो जो आजकल अच्छे लोग हैं जानकार हैं वह मां को ऐसे वातावरण में रखते हैं, ताकि अच्छी बातें हो चर्चा हो उससे बच्चों के मन पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। इसलिए जब बच्चे को बाहर आकर ऐसा वातावरण मिलता है, उसके बच्चे के मन पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। जल्दी सिखाती है, यानी सीखने की गति जो होती है वह बचपन में ज्यादा होती है। उसके लोकल भाषा में होती है, तो वह और बढ़ जाती है।

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