रिपोर्ट- भारतीय युवा देशभक्त, लेकिन राजनीतिक दलों पर भरोसा नहीं:29% युवा पॉलिटिक्स से पूरी तरह दूर, 81% की पहली पहचान भारतीय होना

भारत के युवाओं में देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी है लेकिन वे राजनीतिक दलों व नेताओं पर भरोसा नहीं करते। वॉयस फॉर इन्क्लूजन, बिलॉन्गिंग, एंड एम्पावरमेंट (VIBE) और प्रोजेक्ट पोटेंशियल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 81% भारतीय युवाओं में देशप्रेम की भावना मजबूत है। मतलब वे खुद को पहले भारतीय मानते हैं, लेकिन 31% व्यक्तिगत पहचान को ज्यादा महत्व देते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान न करने की वजह 43% युवाओं ने घर से दूर होना बताया है। जबकि 18% ने कहा कि उन्हें राजनीतिक दलों पर भरोसा नहीं है। रिपोर्ट में सामने आया कि भारतीय युवा राजनीति से धीरे-धीरे दूर हो रहे हैं। देश में 29% युवा पॉलिटिक्स से पूरी तरह दूरी बनाए हुए हैं। 26% किसी दल से जुड़े बिना राजनीतिक चर्चाओं में भाग लेते हैं। 11% ही किसी दल के सदस्य हैं। VIBE की ओर से तैयार की गई यह रिपोर्ट 4,972 युवाओं के सर्वे के आधार पर तैयार की गई है। यह सर्वे जून-अगस्त 2024 के बीच किया गया है। युवाओं की उम्मीदों पर खरा उतरना सरकार के लिए चुनौती एनजीओ वाईएलएसी के को फाउंडर रोहित कुमार का मानना है कि युवाओं की भागीदारी को संस्थागत समर्थन की जरूरत है। युवाओं की आकांक्षाओं पर खरा उतरना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। हमें ऐसे मंच तैयार करने होंगे जहां युवा सिर्फ सहभागी ही नहीं, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बन सके। राजनीति से युवाओं का मोहभंग पर सोशल एंटरप्रेनरशिप में रूचि 49% युवा समाजसेवी उद्यम शुरू करना चाहते हैं, लेकिन 58% को फंडिंग और 39% को सही मार्गदर्शन की कमी महसूस होती है। दलों की विचारधारा से बंधे हुए नहीं हैं आज के युवा रिपोर्ट बताती है कि युवा पारंपरिक राजनीति के बजाय मुद्दों पर आधारित जुड़ाव को प्राथमिकता दे रहे हैं। वे पर्यावरण, लैंगिक समानता, शिक्षा, और बेरोजगारी जैसे विषयों पर अधिक सक्रिय हैं। भारत के युवा अब महज वोटर नहीं हैं, वे नीति-निर्माण में भागीदारी चाहते हैं। —————————————————– सर्वे रिपोर्ट्स से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- देश के 45% विधायकों पर क्रिमिनल केस:1205 पर गंभीर आरोप; सबसे ज्यादा आंध्र प्रदेश के 79% MLA दागी चुनाव सुधार पर काम करने वाले NGO एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट में सामने आया है कि देश के 45% विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। ADR ने देश के 28 राज्यों और विधानसभा वाले तीन केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 4123 विधायकों में से 4092 के चुनावी हलफनामे का एनालिसिस किया। पूरी खबर पढ़ें…

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