भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब सरकार ने 500 गज से छोटे प्लॉटों की रजिस्ट्री को एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) से मुक्त कर राहत देने का ऐलान किया था, लेकिन हकीकत बिलकुल उलट नजर आ रही है। सरकार के आदेशों के बावजूद बिजली विभाग, गलाडा और नगर निगम ने इसे दरकिनार कर दिया है। न बिजली विभाग रजिस्ट्री के आधार पर मीटर लगा रहा है और न ही नगर निगम पानी और सीवरेज कनेक्शन दे रहा है। दोनों विभाग अब भी एनओसी की मांग कर रहे हैं, जिससे आम जनता में भ्रम और नाराजगी बढ़ रही है। सरकार के इस फैसले से जनता को राहत मिलने की बजाय अवैध कॉलोनाइजरों को बड़ा फायदा हुआ है। पहले जो प्लॉट बिना रजिस्ट्री के फंसे हुए थे, वे अब आसानी से बिक रहे हैं। नतीजा यह है कि इनकी कीमतें भी दोगुनी हो गई हैं। पहले 10 हजार रुपए प्रति गज में बिकने वाले प्लॉट अब 20 हजार रुपए प्रति गज में बेचे जा रहे हैं। वहीं, आम जनता के लिए यह योजना किसी काम की नहीं साबित हो रही है। बिजली विभाग और नगर निगम के चक्कर लगाने के बावजूद बिना रुपए दिए के बिजली-पानी के कनेक्शन नहीं मिल रहे। लोगों को अब भी मोटी रकम देकर एनओसी लेने के लिए मजबूर किया जा रहा । सरकार ने भले ही घोषणा कर दी हो, लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा। लोग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर परेशान हो रहे हैं, जबकि कॉलोनाइजर बिना किसी रुकावट के प्लॉट बेच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को सुनिश्चित करना होगा कि रजिस्ट्री के बाद बिना एनओसी के बिजली व पानी कनेक्शन दिए जाएं। हाईकोर्ट ने याचिका पर राज्य सरकार को नोटिक जारी करते हुए यह स्पष्ट किया कि जो रजिस्टरी पंजाब में होगी। वह पंजाब अपार्टमेंट एन्ड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट के तहत ही होगी। धांधरा रोड के निवासी परमजीत सिंह खुराना ने कहा कि ने 300 गज का प्लॉट खरीदा और उसकी रजिस्ट्री करवा ली, लेकिन जब उन्होंने बिजली का मीटर लगवाने के लिए आवेदन किया, तो बिजली विभाग ने एनओसी मांग ली। सरकार कह रही है कि एनओसी की जरूरत नहीं, लेकिन अधिकारी रुपए लेने के बाद ही मीटर लगा रहे हैं। िजससे लोगों को दिक्कत हो रही है। दुगरी के निवासी हरविंदर सिंह कालड़ा ने कहा कि मकान की रजिस्ट्री तो हो गई, लेकिन जब बिजली और पानी के कनेक्शन के लिए अप्लाई किया तो एनओसी मांगी गई। बिजली विभाग प्रति किलोवाट के हिसाब से रुपए मांग रहा है। नगर निगम, गलाडा में भी रुपए देने के बाद ही पानी और सीवरेज का कनेक्शन मिल रहा है। जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


