अमृतसर के गुरकिरपाल ने ओपन एशिया पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड मेडल

भास्कर न्यूज| अमृतसर ओपन एशिया पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद गुरकिरपाल सिंह खोखर (28) युवाओं को नशे के प्रति जागरूक करने के लिए हरियाणा से गुरुनगरी पहुंचे। यहां एसडीएम गुरसिमरन सिंह ढिल्लों ने सम्मानित कर हौसला बढ़ाया। गुरकिरपाल ने बताया कि वह गुरुनगरी से पले-बढ़े हैं। जीएनडीयू से एलएलबी की डिग्री हासिल की। मामा के लड़के तेजकरन सिंह आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे हैं। 82.5 किलोग्राम ग्राम वजन वर्ग में 662.5 किलोग्राम वजन उठाकर यह मुकाम हासिल किया है। गुरकिरपाल सिंह खोखर पिता गोबिंदर सिंह खोखर किसान तो माता सुरजीत कौर गृहणी हैं। छोटे भाई गुरकरन सिंह एडवोकेट तो बहन मनरीत कौर से हमेशा ही सपोर्ट मिलता रहा कि पीछे मुड़कर नहीं देखना है। इंटरनेशनल लेवल पर स्वर्ण पदक लाकर देश का नाम रोशन करना है। गुरकिरपाल ने बताया कि इस ओपन एशिया चैंपियनशिप में 270 किलोग्राम स्क्वाट, 272.5 किलोग्राम डेड लिफ्ट और 120.0 किलोग्राम बेंच प्रेस लगाकर अपने वर्ग में स्वर्ण हासिल किया है। इसके पहले साल-2024 में बैंगलोर में नेशनल लेवल पर स्वर्ण पदक जीता था। कोच तेजस जयशंकर से ट्रेनिंग ले रहे हैं। जो दिन-रात मुकाम हासिल करवाने के लिए मेहनत करते हैं। बचपन से ही पॉवर लिफ्टिंग का शौक था। किसी वजह से हरियाणा शिफ्ट करना पड़ा तो माता-पिता के साथ चले आए थे। जब भी कोई बड़ी उपलब्धि हासिल होती है या स्वजनों से मिलना हो तो गुरुनगरी जरूर आते हैं। युवाओं के लिए एक ही मैसेज है कि उनका फ्यूचर खेल के क्षेत्र में काफी उज्जवल है। हरियाणा-पंजाब की सरकारें कई तरह के प्रयास भी कर रही हैं। नशे से दूर रहकर अपना लक्ष्य चुनें ​फिर उसे पूरा करने में जुट जाएं। प्रशासन के नशा विरोधी मुहिम में साथ हैं। एसडीएम गुरसिमरन ने कहा कि प्रशासन नशे के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर युवाओं को जागरूक कर रहा है। हमारे युवाओं के अंदर प्रतिभा है, वह खेल जगत में बेहतर कर सकते हैं। नशे को जड़ से खत्म के लिए सभी को आगे आना होगा।

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