अमृतसर | अमनदीप अस्पताल ने क्लेफ्ट होंठ और तालू के इलाज पर एक महत्वपूर्ण अध्ययन बैठक का आयोजन किया। इस बैठक का उद्देश्य जन्मजात क्लेफ्ट होंठ और तालू से प्रभावित बच्चों के इलाज के सर्वोत्तम तरीकों पर शोध को आगे बढ़ाना था। भारत उच्च शिक्षा और अनुसंधान संस्थान, चेन्नई के डॉ. बद्री तिरुवेंकटाचारी को इस दिशा में 4.68 करोड़ रुपए की रिसर्च ग्रांट मिली है। यह अनुदान भारत के जैव प्रौद्योगिकी विभाग और वेलकम ट्रस्ट, यूके (इंडिया एलायंस) द्वारा वित्त पोषित है। यह भारत में किसी भी डेंटल संस्थान को मिली अब तक की सबसे बड़ी रिसर्च ग्रांट है। इस शोध का उद्देश्य नासोअल्वोलर मोल्डिंग उपचार की प्रभावशीलता का अध्ययन करना है। डॉ. तिरुवेंकटाचारी और उनकी टीम भारत के 10 प्रमुख क्लेफ्ट ट्रीटमेंट सेंटरों के साथ मिलकर इस शोध को अंजाम दे रही है। यह अध्ययन यूके, नीदरलैंड, अमेरिका, जर्मनी और स्वीडन के विशेषज्ञों के सहयोग से किया जा रहा है। अमनदीप अस्पताल में आयोजित इस बैठक में सभी 10 भागीदार केंद्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का आयोजन डॉ. रवि महाजन और डॉ. सुखदीप सिंह काहलों ने किया। डॉ. अमनदीप कौर, डायरेक्टर, अमनदीप ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने क्लेफ्ट लिप और पैलेट सर्जरी के क्षेत्र में डॉ. रवि महाजन और उनकी टीम के समर्पित प्रयासों की सराहना की।


