भास्कर न्यूज | सुकमा जिला मुख्यालय से करीब 93 किमी दूर जगरगुंडा आजादी के 7 दशक बाद भी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहा है। पानी, बिजली, राशन समेत अन्य सुविधाएं ग्रामीणों को नहीं मिल रही है। शुक्रवार को जनपद सदस्य दीपक कोसमा, सरपंच नीतू कोसमा और पूर्व जिला पंचायत सदस्य आदम्मा मरकाम ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू हुए। ग्रामीणों ने बताया कि जगरगुंडा में अस्पताल की सुविधा तो है लेकिन स्टाफ की कमी है। 6 से 7 सदस्य एक ही कमरे में रहने को मजबूर हैं। कई दिनों से अस्तपाल भवन का कार्य अधूरा पड़ा है। लगातार शिकायतों के बाद भी निर्माण एजेंसी ध्यान नहीं दे रहा है। जगरगुंडा निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों ने पाया कि दो माह से पानी टंकी बंद है। ग्रामीणों द्वारा क्रेडा विभाग को लिखित शिकायत के बाद भी समस्या का निराकरण नहीं हुआ। बिजली सब स्टेशन का काम साल 2022 से चल रहा है। जगरगुंडा समेत आस-पास के ग्रामीण इलाकों में बिजली की समस्या है। लोगों को उम्मीद थी कि सब स्टेशन बनने से बिजली की समस्या दूर होगी। ग्राम पंचायत कोंडासांवली के आश्रित गांव के लोगों को राशन के लिए करीब 10 किमी का सफर तय करना पड़ रहा है। हर माह चावल के लिए ग्रामीण दंतेवाड़ा जिले की सीमा से लगे गांव आते हैं। ग्रामीणों को हो रही परेशानी से कई बार विभागीय अफसरों को अवगत कराया गया है लेकिन अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि जल्द ही कलेक्टर को लिखित में ज्ञापन देकर ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास करेंगे।


