छत्तीसगढ़ राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए राज्य शासन द्वारा “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” का संचालन किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 10 मार्च 2024 को किया। इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और तय किए गए लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए राज्य की क्रियान्वयन नीति और वित्तीय वर्ष 2024-25 की कार्ययोजना के तहत बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ नम्रता जैन के मार्गदर्शन में गुरुवार को स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति केंद्र, प्रशिक्षण हॉल, सुकमा में बाल विवाह रोकथाम, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं अन्य संबंधित विषयों पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बाल विवाह रोकथाम एवं लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 पर जानकारी बाल कल्याण समिति रायपुर के पूर्व अध्यक्ष सरवत नकवी द्वारा दी गई। जबकि लैंगिक उत्पीड़न और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ विषय पर जानकारी प्रमिला सिंह द्वारा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में बाल विवाह रोकथाम की जागरूकता के लिए निर्मित पोस्टर एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पुस्तिका का विमोचन उपस्थित अतिथियों द्वारा किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी बिस्मिता पाटले ने बालिकाओं एवं महिलाओं के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक करते हुए महिलाओं को समानता का अधिकार, घरेलू हिंसा का विरोध और महिला सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, शक्ति सदन, सखी वन स्टॉप सेंटर, मिशन वात्सल्य, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और महिला हेल्पलाइन जैसी योजनाओं के बारे में भी महिलाओं को जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी जीतेंद्र सिंह, बाल कल्याण समिति के सदस्य कसिमुद्दीन खान, चौस्वानी सिन्हा, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य पी ज्योति नायडू, परियोजना अधिकारी उत्तम प्रसाद, हितेंद्र नगेसिया, सर्व सेक्टर पर्यवेक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, आदिवासी विकास विभाग, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग के प्रतिनिधि तथा एनआरएलएम के प्रतिनिधि समेत अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


