भास्कर न्यूज | जांजगीर जिले में बोर्ड परीक्षा अंतिम चरण में है, दसवीं की परीक्षा 24 मार्च तक चलेगी जबकि बारहवीं की 28 मार्च को समाप्त होगी। प्रदेश के सभी 36 मूल्यांकन केंद्रों में 26 मार्च से मूल्यांकन कार्य शुरू हो जाएगा, वहीं इस साल भी जिले में स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल खोखराभाठा को इस साल मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जहां दूसरे जिलों से उत्तरपुस्तिकाएं जांचने के लिए जाएगी। स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल खोखरा के प्राचार्य जीपी चौरसिया ने बताया कि 23 मार्च से उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन केंद्रों में पहुंच जाएंगी। मई के दूसरे सप्ताह में बोर्ड के नतीजे जारी होने की संभावना है। मुख्य विषयों की परीक्षा 24 मार्च तक समाप्त हो जाएगी, इसलिए मूल्यांकन का काम शुरू किया जा रहा है। मूल्यांकनकर्ताओं की लिस्ट बोर्ड से भेजी जाएगी। मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य से शामिल नहीं किया जाएगा। मूल्यांकन को लेकर लगभग तैयारी पूरी कर ली है। परिसर में 36 सीसी कैमरे में लगे हुए है। मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वालों की सूची जारी की थी, जिसमें जांजगीर-चाम्पा और सक्ती जिले के 3 व्याख्याता ने कॉपी जांचने में लापरवाही बरती थी। उनकी जांची हुई कॉपियों में रीवैल-रीटोटलिंग के बाद 20 से 40 अंक बढ़े थे। इनमें हिंदी के व्याख्याता शरद कुमार राठौर, जीव विज्ञान की व्याख्याता मंजूलता शाडिल्य और फसल उत्पादन विषय मंे सत्य नारायण कंवर के नाम शामिल हैं। ये सभी व्याख्याता तीन साल तक मूल्यांकन कार्य से वंचित रहेंगे। साथ ही इनके एक वेतनवृद्धि रोकने की अनुशंसा भी की है। हर साल गिर रहा शिक्षा का स्तर माशिमं द्वारा दसवीं और बारहवीं का परिणाम एक साथ जारी किया था। पिछली बार जांजगीर-चांपा जिले का परिणाम निराशाजनक रहा। दसवीं का परिणाम 61.89 फीसदी रहा, जबकि 12वीं में 63.28 फीसदी परीक्षार्थी सफल रहे। जिले के एक मात्र छात्रा ने टाप-टेन में दसवां स्थान बनाया, जबकि बारहवीं में एक भी विद्यार्थी टाप टेन में जगह नहीं बना सके। प्रदेश स्तर पर जिले का प्रदर्शन बहुत ही खराब रहा। दसवीं में 33 जिले में जिले का क्रम 32 वां रहा जबकि बारहवीं में हमारा जिला अंतिम क्रम पर रहा।


