जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पाउडर मिल्क पैकेट पहुंच गए है। झुंझुनूं की 1595 आंगनबाडी केन्द्रों को 11 टन मिल्क पाउडर मिला है। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3 से 6 साल के 18 हजार बच्चे है। उन्हें गरम और मीठा दूध मिलेगा। हर बच्चे को सप्ताह में तीन दिन सौ-सौ एमएल दूध दिया जाएगा। बच्चों को सप्ताह में तीन बार मंगलवार, गुरुवार व शनिवार को गर्म मीठा दूध पिलाना शुरू कर दिया गया है। यह दूध तैयार करने के लिए प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आने वाले 15 लाख 6 हजार 255 बच्चों के लिए 1 लाख 95 हजार 639 किलोग्राम से अधिक स्किम्ड मिल्क पाउडर भेजा है। इसके साथ ही जनवरी व फरवरी का दूध पाउडर भी दिया है। जिससे तीन माह तक बच्चों को दूध पिलाने में कोई बाधा नहीं आएगी। इस दूध पाउडर में से हर बच्चे के लिए 10 ग्राम लगभग दो चम्मच पाउडर से 100 मिली दूध तैयार किया जा रहा है। यह दूध कितने बच्चों को पिलाया जा रहा है। यह रोजाना पोषण ट्रैकर एप पर आधार नम्बर से सत्यापन करना जरूरी है। 14 दिसंबर को इस योजना का शुभारंभ हुआ था। मुख्यमंत्री भजनलाल ने इसकी शुरुआत की थी। लेकिन कई जिले में आंगनबाडी पर पाउडर मिल्क नहीं पहुंचा था। महिला एवं बाल विकास विभाग कें उप निदेशक बिजेन्द्र सिह राठौड़ ने बताया कि जिले के 1595 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पाउडर मिल्क पैकेट पहुंच गए हैं। बच्चों को दूध पिलाना शुरू कर दिया है। प्रत्येक बच्चे को सौ एमएल गर्म मीठा दूध पिलाया जा रहा है। सप्ताह में तीन बार दिया जाएगा। किस जिले को कितना पाउडर झूंझुनूं 11030, सीकर 16295, अजमेर को 19230, अलवर 42965, बांसवाड़ा 32965, बारां 18735, बाड़मेर 59480, भरतपुर 26910, भीलवाड़ा 24190, बीकानेर 22150, बूंदी 14305, चूरू 19725, दौसा में 20620, धौलपुर 15525, डूंगरपुर 22890, हनुमानगढ़ 12500, जयपुर 33560, जैसलमेर 12770, जालोर 27130, झालावाड़ 21025, जोधपुर 39375, करौली 20270, कोटा 13830, नागौर 33325, पाली 19305, प्रतापगढ़ 16570, राजसमंद 12255, सवाई माधोपुर 11375, सिरोही 12380, गंगानगर 16905, टोंक 14395, उदयपुर 41145 किलोग्राम, चित्तौड़गढ़ जिले को 18280 किलोग्राम मिल्क पाउडर तीन माह के लिए दिया गया है।


