जैसलमेर पीएचईडी (जनस्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग) के एसई ऑफिस को कोर्ट के आदेश पर गुरुवार को सीज किया गया। ऑफिस में रखे फर्नीचर, कंप्यूटर और एक कमरे को सील कर दिया। बताया जा रहा है कि 2019 में विभाग के पानी के कैंटर से हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत के मामले में मुआवजा नहीं देने पर कोर्ट के आदेश पर कमरे को सील कर दिया गया। एडवोकेट उम्मेद सिंह नरावत ने बताया- 18 जनवरी 2019 को विभाग के पानी के टैंकर से दुर्घटना में झलारिया, पोकरण निवासी बाइक सवार रावलसिंह की मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने मुआवजा मांगा था। इस मामले में जुलाई 2024 में ट्रिब्यूनल कोर्ट ने मुआवजा देने के आदेश दिए थे। मगर आज तक मुआवजा नहीं देने पर कोर्ट ने एसई ऑफिस को सीज करने की कार्रवाई की। सड़क हादसे में मौत पर ट्रिब्यूनल कोर्ट ने मुआवजा देने का दिया था आदेश
मृतक रावल सिंह के परिजन ने सड़क हादसे में मौत पर मुआवजा मांगा था। ट्रिब्यूनल कोर्ट ने 20 जुलाई 2024 को इस मामले में निर्णय पारित किया। 14,65,019 रुपए 6% वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान का आदेश दिया था। लेकिन, विभाग द्वारा मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया। मुआवजा नहीं देने पर संपत्ति कुर्क करने के लिए अप्लाई किया। आदेश का पालन नहीं होने पर जिला एवं सत्र न्यायालय जैसलमेर ने अधीक्षण अभियंता पीएचईडी के कार्यालय पर कुर्की का वारंट जारी किया। जिसको लेकर ऑफिस सीज करने की कार्रवाई की गई। ऑफिस सीज कर फर्नीचर और कंप्यूटर को जब्त किया गया
कोर्ट के आदेश पर गुरुवार को अधीक्षण अभियंता (एसई) कैलाश मीणा और सहायक अभियंता की मौजूदगी में कार्यालय के फर्नीचर और कंप्यूटर को जब्त कर सील कर दिया गया। एडवोकेट उम्मेदसिंह नरावत की निशानदेही पर कुर्की प्रक्रिया पूरी की.जब्त की गई। संपत्ति को कार्यालय भवन के एक कमरे में सुरक्षित रखा गया है, जिसे ताला लगाकर सील कर दिया गया। जब्त की गई संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी अधीक्षण अभियंता कैलाश मीणा को सौंपी गई है।


