नगर निगम में मनरेगा में काम करने वाली महिला श्रमिक की अचानक मौत हो गई। जिसके बाद परिजन उसके शव को लेकर निगम कार्यालय पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। महिला के पति मदन लाल बंजारा का आरोप है वो निगम में संविदा पर लगा हुआ था। 42 साल संविदा पर काम करने के बाद उसे परमानेंट नहीं किया। इसी तनाव के कारण पत्नी प्रेमबाई ( 52) तनाव में रहती थी। उसकी अचानक तबीयत खराब हो गई। इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने आर्थिक मदद व परिवार की एक सदस्यों को नौकरी की मांग की है। परिजन सुबह साढ़े 10 बजे से निगम के बाहर बैठे हैं। मनरेगा में काम करती थी भाई हंसराज बंजारा ने बताया कि प्रेमबाई बंजारा मनरेगा में काम करती थी। आज सुबह उसकी अचानक तबीयत खराब हुई। हॉस्पिटल लेकर गए तो डॉक्टर ने ब्रेन हेमरेज बता दिया। थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई। हम महिला की डेड बॉडी जब तक नहीं उठाएंगे, जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती। हमारे दो मांग है एक तो महिला के बेटे को नौकरी दी जाए और उसके पति की पेंशन लागू की जाए। नगर निगम उत्तर आयुक्त अशोक त्यागी ने बताया कि मदनलाल बंजारा की उम्र 62 साल है। इन्हें परमानेंट करने का हाईकोर्ट में मामला चल रहा था। उनकी परमानेंट होने की फाइल डिपार्टमेंट में चलती रही। इस दौरान 2022 में वो काम से हट गए। आज ढाई साल बाद सभी लोग आकर वेतन भत्ता व पेंशन की मांग कर रहे है। निगम में इस तरीके का कोई नियम या प्रावधान नहीं है। उनकी पत्नी का आज देहांत हो गया है। मैं उच्च अधिकारियों से बात करूंगा और जो भी मदद होगी वो की जाएगी।


