अजमेर में गुरुवार को कांग्रेस विधि प्रकोष्ठ से जुड़े अधिवक्ताओं ने बस स्टैंड के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करते हुए अमित शाह का पुतला जलाया। पुतला जलाकर अमित शाह से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और इस्तीफा देने की मांग की है। मांग पूरी नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। कांग्रेस नेता सुनील लारा ने बताया कि देश में संविधान के रक्षक, निर्माता और भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर को मानने वाला है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में माहौल खराब कर रही है। संविधान को खत्म करना चाहती है। बेचना चाहती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता अमित शाह संसद में कहते हैं अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर लगा रखा है। अगर अंबेडकर नहीं होते तो आज हमें सम्मानता का अधिकार नहीं मिलता और आरक्षण प्राप्त नहीं होता। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के जो नेता है वह संविधान को खत्म करना चाहते हैं। लेकिन कांग्रेस इसके खिलाफ है। अमित शाह जब तक संसद में माफी नहीं मांगेंगे तब तक देश में यह प्रदर्शन जारी रहेगा। अमित शाह सार्वजनिक रूप से मांगे माफी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चंद्रभान सिंह राठौड़ ने बताया कि भारत रत्न भीमराव अंबेडकर के खिलाफ भाजपा नेता अमित शाह ने गलत बयान बाजी की है। उसके विरोध में आज यहां पुतला जलाकर प्रदर्शन किया गया है। इस प्रदर्शन के जरिए उन्हें नसीहत देना चाहते हैं कि कहां अपने आप को भारत रत्न से कंपेयर कर रहे हैं। भारत रत्न की उपाधि किस स्तर पर मिलती है, उस व्यक्ति के व्यक्तित्व पर लांछन लगा रहे हैं, यह बहुत गलत है। अधिवक्ता इसकी निंदा करते हैं और अमित शाह से उनके इस्तीफे की मांग करते हैं। इसी का ही आज कांग्रेस विधि विभाग ने पुतला जलाया है। अगर अमित शाह ने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।


