सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों का मणिपुर दौरा:जस्टिस गवई बोले- हम आपके साथ हैं; जस्टिस कोटिश्वर सिंह बोले- एक दिन मणिपुर समृद्ध होगा

सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस एमएम सुंदरेश, जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह वाला प्रतिनिधिमंडल शनिवार को मणिपुर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने चुराचांदपर में मणिपुर की जातीय हिंसा के विस्थापितों से मुलाकात की। राहत शिविरों का दौरा भी किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल बिष्णुपुर के मोइरांग कॉलेज पहुंचा। चुराचांदपुर में 295 विधिक सेवा शिविर, स्वास्थ्य शिविर और विधिक सहायता क्लिनिक का जस्टिस गवई ने उद्घाटन किया। उन्होंने कहा- हमारे संविधान का उद्देश्य सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय पहुंचाना है। वहीं, जस्टिस कोटिश्वर सिंह ने कहा- मेरा मानना ​​है एक दिन मणिपुर समृद्ध होगा। हमें अपने संविधान पर भरोसा रखना चाहिए। मणिपुर में एक दिन शांति स्थापित होगी और वह सफल होगा। हमें मिलकर यहां राहत पहुंचाने का काम करना चाहिए। जस्टिस गवई ने कहा- एक दिन मणिपुर समृद्ध होगा, संविधान पर भरोसा करेगा जस्टिस ने कहा- देश के सभी नागरिकों को तुरंत और सस्ता न्याय (कम से कम खर्च में) उपलब्ध कराना है। हमने देश के उन दूर-दराज भागों तक पहुंचने का प्रयास किया, जो दिल्ली से बहुत दूर हैं। उन्होंने कहा कि ऐरे सिद्धांत बहुत जरूरी है जो किसी न्यायपूर्ण समाज के लिए, सुलभता, न्याय तक पहुंच, स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच बनाए। साथ ही लोगों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सशक्त बनाते हैं। उन्होंने कहा कि मणिपुर लोगों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन आपको यह समझना चाहिए कि हमारे संविधान ने हमें एकजुट रखा है। जस्टिस गवई ने कहा- विस्थापित लोग हमसे पीछे न छूटें जस्टिस गवई ने कहा- हमारा नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है कि विस्थापित लोग हमसे पीछे न छूटें। उनकी आईडेंटिटी, डॉक्यूमेंट्स, संपत्ति का अधिकार या फिर मुआवजे के मामलों में पूरा अधिकार प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि मणिपुर राज्य और मणिपुर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने 265 कानूनी सहायता क्लिनिक स्थापित किए हैं। विस्थापित समुदायों के भीतर स्थापित कानूनी सहायता क्लिनिक मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करेंगे। जस्टिस गवई ने कहा कि मैं सभी विस्थापित व्यक्तियों से इन सेवाओं का लाभ उठाने का आग्रह करता हूं। उन्हें आश्वस्त करता हूं कि हम उनके जीवन के पुनर्निर्माण की दिशा में उनके साथ खड़े हैं। जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह ने कहा कि हमें आगे देखना चाहिए और भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। हमें अतीत, दर्द या त्रासदी में नहीं जीना चाहिए। हमें एक उज्जवल भविष्य की ओर देखना चाहिए। इसमें समय लग सकता है, लेकिन हमें उम्मीद रखनी चाहिए और सकारात्मक रहना चाहिए। जजों के दौरे से एक दिन पहले गिरफ्तार हुए 4 उग्रवादी जजों के दौरे से एक दिन पहले 21 मार्च को मणिपुर पुलिस ने X पोस्ट में कहा था कि मणिपुर पुलिस और असम राइफल्स की जॉइंट टीम ने KCP- PWG संगठन के सक्रिय उग्रवादी थंगमंगजम नाओबा सिंह (28 वर्ष) उर्फ पामुबा को गिरफ्तार किया। इसके अलावा । KCP के चार एक्टिव उग्रवादियों को भी गिरफ्तार किया था। उनके पास से इंसास राइफल और 2 मैगजीन, एक 9 एमएम पिस्टल, दो एयर गन, एक डबल बैरल गन समेत ढेर साथा गोला-बारूद भी बरामद हुआ था। ————————- मणिपुर से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 9 फरवरी को CM का इस्तीफा, 13 को राष्ट्रपति शासन लगा मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने 9 फरवरी को इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद मणिपुर में 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने उपद्रवियों से सभी लूटे गए हथियार सरेंडर करने को कहा था। अब तक 500 से ज्यादा हथियार सरेंडर किए जा चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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