पहली बार धूमधाम से बनाया गया बछिया का जन्मदिन,VIDEO:धमतरी में सत्यनारायण पूजा-रामायण कार्यक्रम के बाद कटा केक, 300 लोगों को खिलाया गया खाना

छत्तीसगढ़ के धमतरी में पहली बार गाय की बछिया का जन्मदिन और छट्ठी कार्यक्रम बड़े धूमधाम से मनाई गई। इसके लिए बकायदा कार्ड छपवाकर लोगों को आमंत्रित भी किया गया। केक काटने की रस्म भी निभाई गई। लोगों ने बछिया के लिए विशेष चारा भी भेंट किया। गौ मालिक ने सभी मेहमानों के लिए पार्टी का भी आयोजन किया। दरअसल, खास बात यह रही कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक सोहर गीतों पर लोगों ने बछिया को गोद में लेकर नृत्य किया। यह अनूठा जश्न स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। जन्मोत्सव पर रविवार सुबह सत्यनारायण की पूजा, दोपहर गड़वा बाजा उत्सव और शाम को रामायण कार्यक्रम के बाद केक काटकर जन्मदिन को सेलिब्रेट किया गया। जानकारी के मुताबिक, सोरिद वार्ड के बाबूलाल सिन्हा ने गाय के बछिया का जन्मोत्सव करने कार्ड छपवाया। कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए लोगों को कार्ड बांटे। जन्मोत्सव में पहुंचे लोगों और बाबूलाल की फैमिली ने बछिया को अपने गोद में लेकर खूब डांस किया। तस्वीरों में देखिए जन्मदिन कार्यक्रम… जन्म के समय 3 पैर से अपंग थी बछिया बछिया के मालिक बाबूलाल सिन्हा ने बताया कि, बछिया राधिका का जन्मदिन हमारे जीवन की सबसे बड़ी खुशी का पल है। राधिका का जन्म समय से तीन महीने पहले हुआ था और वह तीन पैरों से विकलांग थी।
जिसका ऑपरेशन कराया गया। सड़क हादसे से बचाने मनाया जन्मदिन इस कार्यक्रम में पहुंचे करीब 300 लोगों के लिए प्रीतिभोज रखा गया। बाबूलाल सिन्हा ने बताया कि, रोड पर मवेशी खड़े रहते हैं। जिसको हर कोई अपने घर में रख ले तो मवेशियों को सड़क हादसे से बचाया जा सकता है। जन्मोत्सव में बछिया के लिए लोग गिफ्ट लेकर भी पहुंचे। मां लक्ष्मी को कुत्तों ने काटा था बाबूलाल की पत्नी संतोषी सिन्हा ने बताया कि, पहले से उनकी एक लड़की है। लेकिन अब बछिया के जन्म होने से उनकी दो बेटी हो गई हैं। बछिया की माता का नाम लक्ष्मी और बछिया का नाम राधिका है। बताया गया कि कुत्तों के आतंक से लक्ष्मी को सीरियस स्थिति में घर लाए थे। मोहल्ले वालों ने मान लिया था कि अब नहीं बचेगी। लेकिन घर के हॉल में रख कर महामृत्युंजय का जाप किया तो छटपटा कर उठ गई। जब से यह घर पर है तब से घर में शुभ ही हो रहा है। लोग कुत्ते का जन्मदिन मनाते हैं, लेकिन गाय को नहीं पूछते वार्डवासी अवधेश ठाकुर ने बताया कि गाय की बछिया का जन्मोत्सव मनाना सराहनीय है। लोग कुत्ते का जन्मदिन मना लेते हैं, लेकिन गाय को आज के युग में कोई नहीं पूछते। हमने एक क्विंटल खल्ली गिफ्ट किया। गौ माता का संरक्षण करना बहुत जरूरी लीना हांडे ने बताया कि, गाय के बछिया के पहली बार इस तरह का आयोजन देखने मिला। जिसमें गौ माता में बछिया छट्ठी का कार्यक्रम किया गया। जिसके लिए हम चारा लेकर आए। उन्होंने कहा कि, गौ माता का संरक्षण करना बहुत जरूरी है। हिंदू धर्म में गौ माता का दर्जा भगवान से भी बढ़कर है। ऐसा कार्यक्रम करने से लोगों में सेवा भावना जागृत होगी। ………………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… छत्तीसगढ़ में निकली गाय की अंतिम यात्रा, VIDEO: रोते हुए महिलाओं ने शव पर साड़ियां और फूल-माला रखी; बैंड-बाजा बजाकर दी गई विदाई छत्तीसगढ़ के कवर्धा में एक गाय की मौत के बाद धूमधाम से उसकी अंतिम यात्रा निकाली गई। मोहल्ले के लोगों ने नम आंखों से गाय के दर्शन कर उसे श्रद्धांजलि दी। रीति-रिवाज के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया। बैंड बाजे के साथ विदाई का वीडियो भी सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर…

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