राजस्थान हाउसिंग बोर्ड कर्मचारी संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की गुरुवार को बोर्ड मुख्यालय में बैठक हुई। इसमें कर्मचारियों ने प्रशासन के समक्ष अपनी विभिन्न मांगों को उठाने और उसके लिए आंदोलन करने की रणनीति पर चर्चा की। इसमें सबसे प्रमुख सरकार से जमीनें दिलाने का है। वहीं इस बैठक में कर्मचारी संघ के द्विवार्षिक चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने पर भी चर्चा की गई। बैठक संघ के प्रदेशाध्यक्ष दशरथ कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक के बारे में जानकारी देते हुए संघ के महासचिव प्रदीप शर्मा ने बताया- सरकार के आदेश पर बोर्ड ने मानसरोवर में सिटी पार्क की जमीन दी थी, जिसकी एवज में सरकार ने 1800 करोड़ रुपए सममूल्य की जमीन प्रदेश के अन्य शहरों में देने की बात कही थी, लेकिन आज तक उक्त जमीन का आवंटन नहीं हुआ। इसी तरह मंडल की प्रदेश के कई शहरों में अवाप्तशुदा जमीनों पर अवैध कब्जे हो रखे, जिन्हें खाली करवाया जाए, ताकि बोर्ड उन जमीनों पर आमजन के लिए आवासीय योजनाएं सृजित कर सके। उन्होंने बताया कि हम प्रशासन ने जल्द ही रेन्टल हाउस स्कीम चालू कराने, जीआरएस स्कीम चालू कराने और मण्डल में शेष खाली पड़े पदों पर भी जल्द नई भर्ती करवाने की मांग करेंगे। इस मौके पर बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष भगवती प्रसाद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आर.सी. बुढानिया, उपाध्यक्ष पंकज गर्ग, सुभाष यादव, संयुक्त महासचिव गोविन्द नाटाणी, रमेश चन्द्र शर्मा, कोषाध्यक्ष मोहन सिंह के साथ कार्यकारिणी के अन्य सदस्य मौजूद थे। जॉइनिंग के बाद अब तक पदस्थापन नहीं बैठक में कार्यकारिणी के सदस्यों ने हाल ही में हुई नई ज्वाइनिंग वालों को पदस्थापित नहीं करने का भी मुद्दा उठाते हुए नाराजगी जताई। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों को नियुक्त पत्र दिए सप्ताह भर से भी ज्यादा का समय हो गया, लेकिन उनको अब तक पदस्थापित नहीं किया। इसके अलावा मंडल में पिछले कुछ समय पहले डीपीसी के जरिए हुई पदौन्नति होने के बाद भी कर्मचारियों नए पदों पर पदस्थापन नहीं करने के आरोप लगाए।


