जिला परिषद में जिले के ग्राम विकास अधिकारियों ने प्रदर्शन कर पंचायती राज विभाग मंत्री एवं शासन सचिव के नाम मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन सौंपकर हनुमानगढ़ में ग्राम विकास अधिकारी मुकेश शर्मा के बर्खास्तगी के आदेश को कैंसिल करने को मांग की। इस दौरान जिले के ग्राम विकास अधिकारी मौजूद रहे। ग्राम विकास अधिकारी जिला अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने बताया कि 5 दिसंबर को हनुमानगढ़ में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर मुकेश शर्मा को मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा सेवा से बर्खास्त कर दिया। इस मामले में करौली जिले के ग्राम विकास अधिकारियों की तरफ से शासन सचिव एवं पंचायती राज विभाग के मंत्री के नाम सीईओ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंप कर ग्राम विकास अधिकारी मुकेश शर्मा की सेवा से बर्खास्तगी के आदेश को वापस लेने की मांग की। उन्होंने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके विरोध में वर्ष 2018 से विकास कार्यों की जांच में वसूली निर्धारित की गई थी। इस मामले में वर्ष 2018 में उच्च न्यायालय जोधपुर से वसूली पर स्थगन आदेश दिया गया, जो आज तक जारी है। मुकेश शर्मा द्वारा जन विकास कार्यों की वसूली बनाई गई थी उनका समायोजन भी करवा दिया गया, लेकिन इस मामले में हनुमानगढ़ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा सिविल सेवा के नियम एवं राजस्थान पंचायती राज के नियम के प्रावधानों को ताक पर रखकर मनमानी करते हुए इस प्रकरण में मुकेश शर्मा को सेवा से बर्खास्त करने का नियम विरुद्ध एवं तानाशाही आदेश जारी कर दिया गया। इसके कारण प्रदेश के हजारों ग्राम विकास अधिकारियों में आक्रोश प्राप्त है। पूरे प्रदेश में इस मामले को लेकर ज्ञापन प्रेषित किया गया है। ज्ञापन में ग्राम विकास अधिकारी मुकेश शर्मा की बर्खास्तगी के आदेश को कैंसिल करने की मांग एवं राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ द्वारा चेतावनी दी गई कि अगर कार्रवाई नहीं होती है तो उग्र आंदोलन होगा। इस दौरान जिला संयोजक श्याम सुंदर शर्मा, जिला मंत्री अमृत लाल धोबी, जिला कोषाध्यक्ष कृष्णानंद शर्मा, ब्लॉक मंत्री भूपेंद्र शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष बद्री माली, ब्लॉक अध्यक्ष रंजीत सिंह मौजूद रहे।


