पाली जिला कलेक्टर एलएन मंत्री की अध्यक्षता में जिला अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें पाली शहर के ड्रेनेज सिस्टम, पीने के पानी में जा रही गंदगी रोकने, सड़क, नाली, साफ-सफाई, बाढ़ के पानी की स्थायी निकासी और अतिक्रमण हटाने जैसे मुद्दे छाए। जिला कलेक्टर ने 54 समस्याओं को सुना। इसमें से 8 का मौके पर ही निपटारा किया। बैठक में सेवा और संकल्प महासमिति के अध्यक्ष जबरसिंह राजपुरोहित ने जिला कलेक्टर मंत्री से कहा- गत वर्षों में हुए अतिक्रमणों की भरमार से पूरा शहर पानी में डूब गया तथा वर्तमान समय में बांडी नदी पर अंधाधुंध अतिक्रमण से नदी को नाला बनाया जा रहा है। इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। मस्तान बाबा स्थित बांडी नदी में हो रहे अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाना चाहिए। शहर के पीने के शुद्ध जल संग्रह के लिए मानपुरा, मंडली, सिटी टैंक जलाशयों के सौंदर्यकरण, निर्माण और अन्य परियोजना की पारदर्शिता मॉनिटरिंग होनी चाहिए। राजपुरोहित ने कहा- रामदेव रोड नाडी, चादर वाले बालाजी, खोडिया बालाजी नाडी, लाखोटिया तालाब, पांच मोखा, बांडी नदी के चारों तरफ, शहर में सड़क के किनारे बने दर्जनों नालो पर पुराने अतिक्रमण है। इन्हें संज्ञान में लेकर हटाने चाहिएं। बैठक में सेवा और संकल्प महा समिति रानी के ब्लॉक अध्यक्ष पोपट लाल ने रानी नगर पालिका क्षेत्र,रानी खुर्द ग्राम पंचायत सीमा तथा बिजोवा गांव में आगोर, गोचर, नदी, नाडी तालाबों पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए हाईकोर्ट के निर्णय 12 नवंबर 2024 का हवाला देते हुए कार्रवाई का आग्रह किया। आम रास्तों पर भू-माफिया द्वारा किए गए कब्जों को हटाने तथा सार्वजनिक नदी में एक दर्जन कुएं खोदकर पानी की चोरी रोकने तथा ड्रोन से बिजोवा में सर्वे में आबादी भूमि की सूची में की गई गड़बड़ के सुधार करने के लिए बैठक में प्रतिवेदन प्रस्तुत किए गए। इस पर जिला कलेक्टर ने प्रकरण दर्ज कर तहसीलदार व बीडीओ रानी को जांच के आदेश देकर पंद्रह दिनों में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। बैठक में एसपी चूनाराम जाट, एडीएम डॉ बजरंग सिंह, एडीएम सीलिंग भवानीसिंह, जिला परिषद सीईओ मुकेश चौधरी, यूआईटी सचिव डॉ पूजा सक्सेना, नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


